पटना : मेयर चुनाव के लिए जोड़-तोड़ चालू है, पर अनंत सिंह खामोश हैं

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लाइवसिटीज डेस्‍क : पटना के मेयर का चुनाव 19 जून को होना है. नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए पार्टी-सार्टी का दौर चल रहा है. होटल मौर्या, चाणक्‍या, पाटलिपुत्रा से लेकर छुपे ठिकानों और नेताओं के बंगले पर साथ दिखने-दिखाने का समय है. कुछेक पार्षद डील फाइनल होने के बाद मोबाइल आदि को स्विच ऑफ कर बताये गये शहर में सैर-सपाटे को चले गये हैं.

पटना नगर निगम के वार्ड पार्षदों का चुनाव पार्टी आधारित नहीं होता है. पर, जीतने-हारने वाले पार्षद दिल-दिमाग से कहीं न कहीं बंधे होते हैं. हां, जीत के बाद वोट के लिए बड़ा कैश ऑफर बहुतों के मन को हिला जरूर दे रहा है. दलगत चुनाव न होने के बाद भी पटना के मेयर पद पर न तो महागठबंधन और न ही भाजपा, किसी विरोधी को बैठे देखना चाहती है. सो, कवायद-कसरत बहुत तेज चल रही है.

पिछले कई चुनावों से पटना के मेयर पद के चुनाव में मोकामा के दबंग विधायक अनंत सिंह की भूमिका बहुत आगे की रहती थी. तब वे जदयू के विधायक हुआ करते थे. यूं कहें कि उस दौर में अकेले अनंत सिंह रुलिंग पार्टी की कमान मेयर चुनाव में संभाल लेते थे. सभी जानते हैं कि अनंत सिंह से पहले प्रॉमिस कर बाद में तोड़ देना रिस्‍की गेम होता है, सो वे सफल भी रहते थे. जो खूंटे में बंध गया, वह डिग नहीं पाता था.

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पर, अनंत सिंह अब निर्दलीय विधायक हैं. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू ने लालू प्रसाद के कहने पर टिकट नहीं दिया था. जेल से ही अनंत सिंह चुनाव जीते. कोई दो महीने पहले जेल से बाहर आये हैं. इसके बाद उन्‍होंने आसपास की दुनिया बहुत समेट ली है. किसी नये विवाद में फंसने के मूड में नहीं हैं. सो, मेयर चुनाव से अपने को अलग किये हुए हैं. बहुत सारे पार्षदों ने अनंत सिंह का मन जानने का प्रयास किया, पर कोई संकेत किसी को नहीं मिला.

अनंत सिंह के चुप हो जाने से पार्षद और खुले में खेल रहे हैं. सभी दलों ने ताकत झोंक रखी है. जदयू-राजद की ओर से अभी कमान विधान पार्षद संजय सिंह, पूर्व मंत्री श्‍याम रजक और पूर्व विधान पार्षद आजाद गांधी ने संभाल रखी है. पहले दौर का भोज हो चुका है. उम्‍मीदवारी का अभी खुला एलान नहीं हुआ है, पर चर्चा रजनी देवी की हो रही है. चुनाव में वोट के लिए हर व्‍यवस्‍था के लिए वह तैयार बताई जा रही हैं. रजनी नये बने वार्ड से पार्षद बनी हैं.

पटना नगर निगम का मेयर किसी महिला को होना है. निवर्तमान मेयर अफजल इमाम ने दावेदारी बरकरार रखने को पत्‍नी को चुनाव लड़ाया था. जीत भी गईं. अफजल ने अपना मोर्चा बना रखा है. उम्‍मीदवार पत्‍नी ही होंगी. अफजल भी सब कुछ के लिए तैयार हैं. होटल पाटलिपुत्र अशोक में अपने समर्थकों से मिल चुके हैं.

भाजपा ने अपने विधायक अरुण कुमार सिन्‍हा, नीतिन नवीन, संजीव चौरसिया, विधान पार्षद सूरज नंदन मेहता को लगा दिया है. बैक में मेंटर सुशील कुमार मोदी और नंदकिशोर यादव हैं. सभी जरूरतें यहां भी पूर्ण करने का ऑफर है. गुरुवार को विधान पार्षदों के साथ स्‍काडा बिजनेस सेंटर में पहले दौर की मीटिंग भी हुई. दावा है कि नये जीते कई पार्षद भाजपा को मानने वाले हैं. उम्‍मीदवार कौन, अभी फाइनल नहीं है. विनय कुमार पप्‍पू भी इधर ही हैं. पिंकी देवी का नाम लिया जा रहा है. यादव हैं. सुचित्रा सिंह भी जोर से लगी हैं. शक्ति का प्रदर्शन होना अभी शेष है. माला सिन्‍हा ने गुरुवार को मौर्या होटल में पार्टी दी. वह भी बहुमत होने का दावा कर रही हैं. उठापटक अभी बहुत होंगे, असली सीन की जानकारी लीक होने में और वक्‍त लगेगा. सो, थोड़ा कर लें अभी इंतजार.

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