राबड़ी देवी नहीं बन सकेंगी विधान परिषद में विपक्ष की नेता

लाइव सिटीज डेस्कः अब राबड़ी देवी विधान परिषद में नेता विरोधी दल नहीं बन सकेंगी. विधान परिषद के उपसभापति हारुण रसीद ने राजद की ओर से ठोके गए दावे को खारिज कर दिया है. बता दें कि गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल की ओर से प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम की अनुशंसा की थी जिसे आज खारिज कर दिया गया.

उपसभापति हारुण रसीद ने कहा कि संख्या बल की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. बता दें कि बिहार में अब एनडीए की सरकार है. महागठबंधन टूटने के बाद राजद सत्ता से बाहर है. इसको लेकर राजद ने बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल का दावा ठोका था. लेकिन विधान परिषद में सीटों की संख्या खेल बिगाड़ दिया है.

मालूम हो कि बिहार विधान परिषद में राजद के केवल 7 सदस्य हैं. नियमों की बात करें तो इसके अनुसार विरोधी दल के नेता के लिए 9 सदस्य होने चाहिए. गुरुवार को भी विधान परिषद के उप सभापति हारुण रसीद ने कहा था कि हमारे पास राष्ट्रीय जनता दल की ओर से पत्र भेजा गया है. इस पर विचार किया जा रहा है. हम नियमानुकूल फैसला लेंगे.

दूसरी ओर विधान परिषद के उपसभापति हारुण रसिद के बयान पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कहा था कि राबड़ी देवी अभी मौजूदा विधान मंडल दल की नेता हैं और विधान परिषद में विपक्ष के तौर पर हमारी संख्या सबसे ज्यादा है. हमारा दावा सही है ऐसे में सभापति राबड़ी देवी को विधान परिषद का नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहिए.

बता दें कि बिहार में महागठबंधन की सरकार के समय विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भाजपा के सुशील मोदी थे. लेकिन, अब वे एनडीए की नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए हैं. इस कारण यह पद खाली हो गया है.

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