राहुल गांधी ने सीएम नीतीश को किया फोन, विश्वास में लेने की कवायद

लाइव सिटीज डेस्क : महागठबंधन को लेकर बिहार में ‘सियासी तूफान’ मचा हुआ है. हालांकि अभी भी बिहार में महागठबंधन की सरकार बरकरार है, लेकिन यह आगे कब तक टिका रहेगा. इस पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है. हर कोई इसका अपने स्तर से विश्लेषण कर रहा है. लेकिन इसी बीच बदलते घटनाक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से फोन पर बात की है.

हालांकि राहुल गांधी से हुई नीतीश कुमार की फोन पर बात को लेकर कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं है. दो दिन पहले तक बिहार कांग्रेस लालू प्रसाद के समर्थन में ताल ठोक कर बात कह रही थी. प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी और सदानंद सिंह तो उनसे मिलने भी गये थे. लेकिन जदयू और राजद के बीच तनातनी देख कल से कांग्रेस भी मौन साध लिया है. वह वेट एंड वाच के दृष्टिाकेण की मुद्रा में है.

फाइल फोटो

इधर पॉलिटिकल कॉरिडोर में हो रही चर्चा की मानें तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फोन किये जाने को लेकर उथल पुथल मच गया है. चर्चा है कि राहुल ने बिहार में महागठबंधन पर आये संकट पर बात की है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के मुद्दे पर भी बात हुई है, लेकिन मामला कहीं न कहीं महागठबंधन का ही रहा है. वैसे फ्रंट पर इस मुद्दे पर कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार ने राहुल गांधी को भी अपने स्टैंड के बारे में बताया है. इससे अब तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. यह भी चर्चा है कि जदयू को कांग्रेस अपने विश्वास में लेने की कोशिश में है.

बता दें कि मंगलवार को दिन भर जदयू की बैठक हुई. देर शाम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जदयू ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है कि जीरो टॉलरेंस से नीतीश कुमार कोई समझौता नहीं करेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में तो तेजस्वी यादव का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन अल्टीमेटम दिया गया है कि जिन पर आरोप लगा है, वो खुद इस पर बिंदुवार स्पष्टीकरण दें. बहरहाल बदलते घटनाक्रम में राहुल गांधी ने नीतीश कुमार से बात पर पॉलिटिकल कॉरिडोर में सरगर्मी बढ़ गयी है.

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