भारत में आज नजर नहीं आया रमज़ान का चांद, 28 मई से रखे जाएंगे रोज़े

पटना(अजीत) : लोगों को बड़ी बेसब्री से रमजान-उल-मुबारक के चांद का इंतजार था. लेकिन आज भारत में कहीं भी चांद नजर नहीं आया. वहीं इमारत-ए-शरिया बिहार ने भी देश में कहीं चांद नहीं होने का एलान कर दिया है. मतलब कि अब शनिवार के बजाए रविवार से रोजे रखे जाएंगे. शनिवार की शाम तरावीह की नमाज़ होगी. रविवार की अहले सुबह सेहरी और शाम को इफ्तार किया जाएगा.

बिहार-झारखंड-उड़ीसा के मुसलमानों के सबसे बड़े एदारा इमारत-ए-शरिया, प्रसिद्द खानकाह-ए-मुजिबिया समेत सूबे के प्रमुख मुस्लिम धार्मिक व सामाजिक संस्थानों ने शुक्रवार को एलान किया है कि बिहार समेत पूरे भारत में कहीं भी रमजान उल मुबारक का चांद नहीं नजर आया है.

मौलाना अब्दुल जलील कासमी, काजी-ए-शरियत मरकजी दारुल क़ज़ा इमारत-ए-शरिया एवं खानका-ए-मुजिबिया के प्रबंधक हजरत मौलाना सैयद शाह मो. मिन्हाज मुजीबी कादरी ने एलान करते हुए कहा कि बिहार की राजधानी पटना सहित देश के किसी भी हिस्से से चांद देखे जाने की सुचना नहीं मिली है. ऐसे में अब शनिवार को रमजान का चांद होगा और 28 मई रविवार से रहमतों व बरकतों का महीना रमजान-उल-मुबारक शुरू हो जायेगा.

इस्लाम में रमजान का महत्व

इस्लाम धर्म में रमजान को सबसे पवित्र महीना माना जाता है. इस पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं. रमजान के महीने में सूर्योदय से लेकर सूर्योस्त तक रोजा रखा जाता है, इस दौरान कुछ भी खाया-पीया नहीं जाता है. पूरे महीने रात में विशेष नमाज अदा की जाती है, जिसे तरावीह कहते हैं. रोजे को अरबी भाषा में सोम कहा जाता है. इसका मतलब होता है रुकना. रोजे चांद दिखने से शुरु होते हैं, जिस शाम को चांद दिखाई देता है, उसकी अगली सुबह से रोजे शुरू हो जाते हैं.

क्या होता है रमजान

मुस्लिम धर्म में रमजान एक तरह का पर्व होता है, जो इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने में मनाया जाता है. पूरी दुनिया में मुस्लिम समाज इसे पैगम्बर हजरत मोहम्मद पर पवित्र कुरान के नाजिल होने के उपलक्ष्य में उपवास और पूरी श्रद्धा से साथ मनाते हैं.

मुस्लिम धर्म में रोजा रखना अनिवार्य माना जाता है. ये इस्लाम के पांच फर्जों में से एक है. लेकिन कुछ लोगों को छूट भी मिलती है. जैसे कि बीमार, दूध पिलाने वाली महिला और अबोध बच्चों को इस माह में रोजा रखने की छूट दी जाती है. लेकिन बाद में वो किसी दूसरे महीने में रोजा रख सकते हैं.

रमजान में इन बातों पर खास ध्यान

रमजान के महीने में कुछ खास बातों पर ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. कहा जाता है कि इफ्तार के बाद ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए. दिनभर में रोजे के बाद शरीर में पानी की काफी कमी हो जाती है. अगर रोजा रखने वाले जानबूझकर कुछ खा लेता है तो उसका रोजा टूट जाता है. लेकिन अगर गलती से कुछ खा लिया तो रोजा नहीं टूटता.

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