पटना में अब मैली नहीं होगी गंगा, प्लान तैयार है, ऐसे होगी सफाई…

पटनाः अब गंगा में नाले का गंदा पानी नहीं गिरेगा. अब गंगा मैली नहीं होगी. गंगा को साफ बनाने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. प्लान तैयार है. जी हां… पटना में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने जा रहे हैं. प्रक्रिया शुरू हो गई है. सरकार की ये योजना नमामि गंगे के तहत चलाई जा रही है. एसटीपी के तीन प्रमुख प्लांट के लिए निर्माण कंपनियों ने स्थल सर्वेक्षण और डिजाइन बनाने का काम शुरू कर दिया है.

दो जगहों पर बनने वाले एसटीपी- बेउर और कर्मलीचक के लिए वोल्टास और जीएए (जर्मनी की कंपनी) ने संयुक्त रूप से एकरारनामा किया है. वहीं, तीसरे सैदपुर एसटीपी और आसपास के लिए नेटवर्क बनाने का काम यूईएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ईवीएस इन्फ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है.

तीनों एसटीपी की कुल शोधन क्षमता 140 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) होगी. इनमें बेउर की 43, सैदपुर की 60 और कर्मलीचक की 37 एमएलडी होगी. सैदपुर में 55.10 किलोमीटर में सीवरेज नेटवर्क भी बनेगा. बेउर के लिए स्वीकृत राशि 68.16 करोड़, जबकि एकरारनामा की राशि 77.85 करोड़ रुपए है.

इसी तरह सैदपुर एसटीपी और आसपास में सीवरेज नेटवर्क के निर्माण के लिए स्वीकृत राशि 184.93 करोड़, जबकि एकरारनामा 188.18 करोड़ रुपए में हुआ है. कर्मलीचक के लिए स्वीकृत राशि 77.04 करोड़ है, जबकि एकरारनामा इससे कम 73.61 करोड़ में हुआ है. इनके साथ ही कुछ और एसटीपी और सीवरेज नेटवर्क बनाने पर काम चल रहा है.

यह भी पढ़ें-

पटना की पहली महिला मेयर पर फैसला आज, जानिए कौन-कौन आगे है रेस में ?
BREAKING : मसौढ़ी थाना के ड्राइवर की हत्या, गला दबा कर दिया घटना को अंजाम
मॉरिशस में 4 जुलाई से बिहार महोत्सव का आगाज़, मिथिला पेंटिंग रहेगी विशेष आकर्षण