वाघेला बोले- अभी मैं 77 पर ‘नॉकआउट’ हूं, लोगों की खातिर ‘नीलकंठ’ बनना भी मंजूर

लाइव सिटीज डेस्कः कांग्रेस को शुक्रवार को दोहरा झटका लगा. पार्टी के बड़े नेता शंकर सिंह वाघेला ने खुलेआम विद्रोह का बिगुल बजा दिया. उन्होंने एक जनसभा में पार्टी पर जमकर निशाना साधा. वहीं, कांग्रेस की एक अन्य बड़ी नेता अंबिका सोनी ने भी पद छोड़ने की पेशकश की.

कांग्रेस छोड़ने की खबरों के बीच दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी उन्हें 24 घंटे पहले ही निकाल चुकी है. हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि वाघेला को कांग्रेस ने नहीं निकाला गया है. बीते कुछ वक्त से पार्टी से नाराज चल रहे वाघेला ने अपने जन्मदिन के मौके पर शुक्रवार को जनसभा बुलाई थी. वाघेला के इस कार्यक्रम को उनके शक्ति प्रदर्शन के तौर भी देखा जा रहा है.

वाघेला गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की ओर से होमवर्क में कमी की बात कहते हुए लंबे वक्त से पार्टी की गुजरात इकाई की आलोचना करते रहे हैं. पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच शुक्रवार को हुई जनसभा को संबोधित करते हुए वाघेला ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अभी मैं कांग्रेस में हूं, लेकिन पार्टी ने 24 घंटे पहले ही मुझे निकाल दिया है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को डर था कि पता नहीं मैं क्या कहने वाला हूं…विनाशकाले विपरीत बुद्धि. वाघेला ने कहा कि वह आम लोगों के लिए सार्वजनिक जीवन से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि वह लोगों के लिए नीलकंठ बनने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि भगवान शंकर ने मुझे विष पीना सिखाया है. आगे उन्होंने कहा कि अगर यही किस्मत में लिखा है तो वह लोगों के लिए जहर का घूंट पीने को तैयार हैं.

अपनी राजनीति पर चल रही अटकलों को साफ करते हुए उन्होंने कहा कि अभी मैं 77 पर नॉटआउट हूं. बापू कभी रिटायर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यह उनकी जिंदगी का निर्णायक मौका है. पूर्व बीजेपी नेता वाघेला ने खुद के आरएसएस से जुड़ने की कहानी भी सुनाई. उन्होंने बताया कि आरएसएस ने सेवा करना सिखाया. उन्होंने पीएम मोदी और गुजरात की पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल को संगठन से जोड़ने का भी श्रेय लिया.

उन्होंने कहा कि हम एमपी और एमएलए बनाने वाले हैं. उन्होंने बताया कि किस तरह आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत से 1995 में बीजेपी की सरकार बनी. वाघेला ने कहा कि उन्हें शक्ति के लिए सत्ता पर काबिज होने का शौक नहीं रहा. उन्होंने कहा कि हम पावर को छोड़ने वाले हैं. हमें सत्ता का लालच नहीं है.

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