लालू-शिवानंद में लंबी चली बात, कहा- अब महागठबंधन की गाड़ी पटरी पर है…

लाइव सिटीज डेस्कः महागठबंधन में मचा घमासान अब थमता नजर आ रहा है. स्थितियां ठीक हो रही हैं. इसी बीच अब आरजेडी और जदयू के नेताओं के एकजुट होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है. आज बुधवार को जेडीयू नेता और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद से मुलाकात की है. दस सर्कुलर रोड पर स्थित राबड़ी आवास में लालू प्रसाद और शिवानंद तिवारी की मुलाकात काफी देर तक चली. मीटिंग के बाद जब शिवानंद तिवारी वहां से बाहर निकले तो उनके बयान ने सब क्लियर कर दिया.

शिवानंद तिवारी के बयान के मुताबिक अब महागठबंधन में मचा घमासान पूरी तरह से शांत हो चुका है. उन्होंने राबड़ी आवास से बाहर निकलने पर मीडिया से बातचीत में कहा कि अब गाड़ी पटरी पर आ गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मुलाकत अच्छी रही. इस मुलाकात के बाद सभी अटकलों पर विराम लग गया. बता दें कि ये वही शिवानंद तिवारी हैं जिन्होंने सीएम नीतीश कुमार से हाथ जोड़कर महागठबंधन को बचाने की विनती की थी.

बता दें कि दो दिन पहले जदयू के वरीय नेता शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से महागठबंधन को बचाने की गुहार लगायी थी. उन्होंने कहा था कि भाजपा बिहार में महागठबंधन को तोड़ने की साजिश में लगी है. शिवानंद तिवारी ने कहा था कि मैं नीतीश कुमार से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि वे महागठबंधन को टूटने से बचा लें. प्रवक्ताओं के कारण संवादहीनता की स्थिति हो गयी है. नीतीश कुमार यदि लालू प्रसाद को बड़ा भाई मानते हैं तो महागठबंधन को बचा लें. कहीं ना कहीं शिवानंद तिवारी की नीतीश कुमार से लगाई गई गुहार काम आई है.

इधर जैसे-जैसे सब ठीक हो रहा है वैसे-वैसे जदयू प्रवक्ताओं की जुबान पर भी लगाम लगने लगी है. पार्टी प्रवक्ता एयजा यादव ने कहा है कि विरोधियों की महागठबंधन को तोड़ने की चाल अब नाकाम हो गई है. पूरी प्लानिंग की गई थी कि महागठबंधन को बिखेर दिया जाए लेकिन अब सब ठीक है.

वहीं कांग्रेस नेता दिलीप चौधरी ने भी नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की मुलाकात को अच्छा बताया है. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश मुखिया हैं. उनके पास सभी को अपनी समस्याएं रखनी चाहिए. हल तो निकलना ही था. अब महागठबंधन फिर से एकजुट है.

गौरतलब हो कि महागठबंधन में आए सियासी तूफान पर शिवानंद तिवारी की रिक्वेस्ट कारगर साबित हुई. अब सब बदल रहा है. सब कुछ पटरी पर आता दिख रहा है. कुछ दिनों पहले तक जिन प्रवक्ताओं की जुबान से सियासी तीर निकल रहे थे, अब वो भी सब ठीक है कि बात कर रहे हैं. कांग्रेस तो शुरू से ही महागठबंधन बचाने में जुटा रहा. ऐसे में अब देखना होगा कि थम चुके इस तूफान के बाद विरोधियों का अगला कदम क्या होता है.

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