बैंक ऑफ बड़ौदा ने तोड़ा है कानून, होगी 400 करोड़ की रिकवरी

लाइव सिटीज डेस्कः जिला प्रशासन और बैंकों की मिलीभगत से सृजन घोटाले में बैंक ऑफ बड़ौदा प्रथमद्रष्टया दोषी पाया गया है. बैंक से करीब 400 करोड़ की रिकवरी भी होगी. करीब आधे दर्जन मैनेजरों पर गाज गिरेगी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की टीम ने बैंक के कामकाज की जांच की है. आरबीआई ने बैंक के तमाम दस्तावेज और चेक को खंगाला. इनसे साफ हो गया कि घोटाले में बैंक ऑफ बड़ौदा ने बैंकिंग नीतियों का उल्लंघन किया है.

अारबीआई ने पहले चरण की जांच में बैंक से 250 करोड़ और दूसरे चरण की जांच में 150 करोड़ की रिकवरी के संकेत दिए हैं. घोटाले में बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक की भूमिका को देखते हुए आरबीआई टीम ने पड़ताल की. टीम ने बैंक के रीजनल दफ्तर से भी जानकारी ली. करीब 8 दिन की जांच के बाद टीम ने 2007 से 2017 तक बैंक के कई ब्रांच में रह चुके 6 मैनेजरों की सूची तैयार की है. टीम ने जांच में यह भी साफ किया है कि छह ब्रांच मैनेजरों की भूमिका से संबंधित रिकॉर्ड मिले हैं.

आरबीआई की टीम को सृजन को लाभ पहुंचाने के लिए एनआई एक्ट के उल्लंघन के भी सबूत मिले हैं. कहा गया है कि जिला प्रशासन या अन्य जिसने भी चेक साइन किए, उस पर पहले बैंक मैनेजर के नाम से चेक दिए गए. फिर चेक के पीछे सृजन या सृजन से जुड़े लोगों के नाम लिखकर पैसे ट्रांसफर किए गए. टीम ने थर्ड पार्टी ट्रांसफर को अवैध पाया. इन गतिविधियों के जरिए करीब 400 करोड़ रुपए का हेरफेर बैंक ऑफ बड़ौदा से किया गया. इसके लिए टीम ने बैंक को जिम्मेदार माना है. आरबीआई के अनुसार, 400 करोड़ रुपए बैंक ऑफ बड़ौदा से रिकवर किए जाएंगे.

आर्थिक अपराध में शामिल बैंक पर बैंक रेगुलेटरी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. सीबीआई जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी, अफसर और अन्य लोगों पर अपराधिक दोष तय होंगे. इन पर कार्रवाई सीबीआई करेगी.

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