हैवानियत की हद : छेड़खानी का विरोध किया तो छात्रा की कर दी हत्या, मां पर भी किया हिंसक हमला

सासाराम (राजेश कुमार) : हैवानों के लिए न तो बहन होती है और न ही बेटी. पहले गांव की बेटी–बहन की ओर बुरी नजर से देखना भी ग्रामीण संस्कृति में पाप माना जाता था. आज शहर के मोहल्ले हो या गांव की गलियां, आती–जाती लड़कियों के साथ छेड़खानी आम होती जा रही है. बुधवार की रात डेहरी के पास अवस्थित कटार (थाना इन्द्रपुरी) गांव में घटी एक घटना ने पूरे गांव को शर्मसार कर दिया है.

आते–जाते छेड़खानी का विरोध करने वाली 21 वर्षीया छात्रा को चाकू से गोद कर मौत के घाट उतार हैवानियत की सारी हदें पार करने वाले गांव के युवकों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इसमें शामिल दो को धर दबोचने की कोशिश में पुलिस जुटी हुई है. इस कृत्य में शामिल रहे तीन की संख्या में युवकों के उन्माद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, जब अपनी बेटी को बचाने आयी मां को भी इन वहशी दरिंदों ने चाकू मार कर लहूलुहान कर दिया. उसे चिंताजनक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मिली जानकारी के अनुसार कटार ग्राम के पारस शर्मा अपनी कमाई के सिलसिले में सूरत रहते हैं. गांव पर उनकी पत्नी और एकलौती बेटी मनसा कुमारी रहती थी. मनसा कॉलेज की पढाई पूरी कर डेहरी के झारखंडी स्थित कौशल विकास केंद्र में कंप्यूटर की शिक्षा ले रही थी. गांव से आने–जाने के क्रम में गांव का ही युवक भीम कुमार अपने दो साथियों के साथ अक्सर छेड़खानी किया करता था. बुधवार को दिन में मनसा ने अपना रास्ता रोकने पर भीम और उसके साथियों पर चप्पल चलायी थी. इसकी शिकायत घर जाकर अपनी मां से की थी. मां ने उस बात को फोन कर अपने पति से बताया था.

समझा जाता है कि चप्पल निकाले जाने से खार खाए भीम ने मनसा से अपनी हवस पूरी करने की साजिश रची. आधी रात को अपने दो साथियों के साथ चहारदीवारी फांद कर मनसा के घर में दाखिल हुआ. मनसा ने युवकों का पुरजोर विरोध कर उनकी मंशा पूरी नहीं होने दी. मां भी उसके बचाव में उतर आई. फिर तीनों मिलकर मनसा को चाक़ू से गोद कर उसे मौत के घाट उतार दिया. आंख और शरीर के अन्य हिस्से में चाकू के वार से घायल मनसा की मां को जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

जिले के एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि इस कृत्य में शामिल युवकों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेहरी के डीएसपी के नेतृत्व में एक टास्क फाॅर्स का गठन कर शेष युवकों को पकड़ने की जवाबदेही सौपी गयी है.

उन्होंने कहा कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा.