बाबरी मस्जिद विवाद मामले की शीघ्र सुनवाई पर फैसला जल्दः SC

लाइव सिटीज डेस्कः सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह राम मंदिर-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के मामले में फैसला लेगा. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मामले को जल्द सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई शुरू करने की मांग की जिस पर प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड वाली पीठ ने कहा कि हम इस बारे में फैसला करेंगे.

सुब्रमण्यम स्वामी ने क्या कहा कोर्ट से-

सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी दलील में कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुख्य अपीलें सुप्रीम कोर्ट में सात वर्षों से लंबित हैं और उन पर जल्द सुनवाई की जरूरत है. अपनी दलील में उन्होंने यह भी कहा कि उस स्थान पर बिना किसी परेशानी के पूजा अर्चना के उनके अधिकार के पालन के लिए उन्होंने पहले भी अलग से एक याचिका दायर की थी.

इससे पहले SC ने क्या कहा था-

इसी साल मार्च में राम जन्मभूमि-बाबरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि सुब्रमण्यम स्वामी मुख्य पक्षकार नहीं हैं. इससे पहले हुई सुनवाई में SC ने कहा था कि इस मामले से जुड़े सभी पक्ष मिलकर बैठें और आम राय बनाएं. अगर इस मामले पर होने वाली बातचीत नाकाम रहती है तो हम दखल देंगे और इस मुद्दे का हल निकालने के लिए मीडिएटर अप्वाइंट करेंगे.

क्या है हाईकोर्ट का फॉर्मूला और क्या है विवाद-

28 सितंबर 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहबाद हाईकोर्ट को इस विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली पिटीशन खारिज कर दी थी, जिससे फैसले का रास्ता साफ हो गया. 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विवादित 2.77 एकड़ की जमीन को मामले से जुड़े 3 पक्षों में बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था.

कौन हैं 3 पक्ष, क्या था फॉर्मूला-

  • निर्मोही अखाड़ा: विवादित जमीन का एक-तिहाई हिस्सा यानी राम चबूतरा और सीता रसोई वाली जगह.
  • रामलला विराजमान: एक-तिहाई हिस्सा यानी रामलला की मूर्ति वाली जगह.
  • सुन्नी वक्फ बोर्ड: विवादित जमीन का बचा हुआ एक-तिहाई हिस्सा.

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