राजद-कांग्रेस की मुलाकात की यह तस्वीर खूब हो रही है VIRAL, क्या है मायने…

लाइव सिटीज डेस्कः जिस तस्वीर की चर्चा हम कर रहे हैं, उसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. कई सवाल खड़े कर रही है यह फोटो. आखिर ये कैसी यारी है. राजद-कांग्रेस के में मचे बवाल के बीच आई इस तस्वीर पर टीका-टिप्पणी शुरू हो गई है. दरअसल मौका था दुर्गा पूजा का. पूरी राजधानी अभी माता के रंग में रंग चुकी है. इसी बीच पटना के डाकबंगला चौराहे पर बने पंडाल में एक ऐसी मुलाकात की फोटो सामने आई है जिसने बिहार की सियासत गरमा दी है.

तस्वीर में आप देख सकते हैं, कि एक तरफ हैं राजद चीफ लालू प्रसाद के बड़े बेटे और सूबे के एक्स हेल्थ मिनिस्टर तेज प्रताप यादव. उनकी बगल में बैठे हैं बिहार यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार आशीष. इन दोनों के बैठने का अंदाज कुछ ऐसा है जैसे सब नॉर्मल है. तेज प्रताप ने कुमार आशीष के कंधे पर हाथ रखा है. मुस्कुरा रहे हैं. साथ ही इनके पीछे जो लोग खड़े हैं उनके भी खुशी का अंदाजा आप लगा ही सकते हैं. मतलब साफ है पूरा माहौल बना हुआ था उस दौरान जब यह मुलाकात हुई.

अब बात करते हैं राजद-कांग्रेस के बवाल की. बिहार कांग्रेस में लालू प्रसाद का दमखम ही है कि लालू जो चाहें आलाकमान से मंजूर करा लेते हैं. अभी बिहार कांग्रेस का तख्तापलट इसका जीता-जागता उदाहरण है. यही नहीं लालू के खिलाफ कांग्रेसियों को बोलना बिहार में सख्त मना है. बिहार में क्या कांग्रेस लालू की कठपुतली बन कर रह गई है. ऐसे सवाल अभी बिहारी पॉलिटिक्स की हवा में हैं.

यह सवाल आज इसलिए उठ रहे हैं. क्योंकि बिहार कांग्रेस में जो लालू को लेकर भगदड़ मची है और फिर जो तख्तापलट हुआ है इसके पीछे वजह कोई और नहीं खुद लालू ही हैं. यह बात हम नहीं बल्कि, जानकारों की समझ और कांग्रेसियों का कबूलनामा है.

बिहार में कांग्रेस अध्यक्ष ने लालू के खिलाफ बोला तो उन्हें पद से हाथ धोना पड़ा. अशोक चौधरी कोई पहले कांग्रेसी नहीं जिन्हें लालू से बगावत करने की सजा मिली हो, जब से कांग्रेस बिहार में लालू के साथ हैं ऐसे कई मौके आए जब लालू के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें पार्टी से अलग-थलग कर दिया गया.

गौरतलब हो कि अभी का दौर बिहार कांग्रेस के लिए अच्छा नहीं चल रहा. विवादों में अशोक चौधरी को भी अपने अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा. वहीं अब विधायक दल के नेता सदानंद सिंह की विदाई की चर्चा जोरों पर है. ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता शकील अहमद खान के करीबी माने जाने वाले कुमार आशीष की तेज प्रताप यादव से ऐसी खुशनुमा मुलाकात के क्या मायने हैं. कहीं बिहार कांग्रेस का एक बड़ा गुट राजद के संपर्क में तो नहीं. मतलब जो भी हो, बिहार की सियासत तो गरमा ही गई है.

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