‘योगी राज’ में शहीद के परिजनों से ये कैसा मज़ाक…

लाइव सिटीज डेस्कः सेना के जवान देश के दुश्मनों से लड़ते-लड़ते शहीद हो जाते हैं. वो अपनी जान की चिंता किए बगैर आतंकियों से लोहा लेते हैं. परिवार से दूर, देश की सेवा में अपने प्राण दे देते हैं, बदले में उनको और उनके परिजनों को सरकारी उदासीनता का शिकार होना पड़ता है. मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का है.

जहां सेना के जवान प्रेम सागर पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम के हमले में शहीद हो गए थे. 11 दिनों बाद सीएम योगी आदित्यनाथ प्रेम सागर के परिजनों से मिलने टिकमपार गांव पहुंचे. परिजनों को चार लाख रुपये का चेक भी दिया गया. लेकिन सीएम के पहुंचने से पहले और उनके जाने के बाद जो हुआ वो जान आप भी चौंक जाएंगे.

योगी के अधिकारियों की करतूत

सीएम के पहुंचने से 24 घंटे पहले प्रशासन की ऐसी फुर्ती देखने को मिली जिससे सब हैरान थे. आनन फानन में शहीद के घर को हाईटेक बना दिया गया. जिस रूम में सीएम परिवार के लोगों से मिलने वाले थे उसमें एसी लगाया गया.

सोफा और कालीन भी बिछवा दिया गया. लेकिन जैसे ही सीएम वहां से रवाना हुए, चंद घंटों बाद शहीद का घर फिर से विरान हो गया. एक-एक कर सारी सुविधाएं हटा ली गईं. पहले एसी निकाला, फिर सोफा और कालीन भी हटा लिया गया.

सीएम के आने से पहले लगा AC
सीएम के आने से पहले लगा AC

सीएम के जाते ही निकाल लिया एसी

बता दें कि सीएम ने शुक्रवार को शहीद प्रेमसागर के घर पहुंचकर उनके परिजन से मुलाकात की. उन्होंने 4 लाख का चेक और 2 लाख रुपए की एफडी दी. योगी के पहुंचने के पहले गुरुवार शाम से ही शहीद के गांव में अफसरों ने डेरा डाल दिया था.

शहीद प्रेम सागर के बेटे ईश्वर चंद्र ने बताया, जिस कमरे में हमें सीएम योगी से मिलना था, उसमें बांस-बल्ली के सहारे एसी लगा दिया गया था. सीएम के जाते ही सारी सुविधाएं हटा ली गईं. एसी को आधे घंटे के अंदर ही निकाल दिया गया.

सोफा और कालीन भी बिछाया गया
सोफा और कालीन भी बिछाया गया

ईश्वर चंद्र ने बताया, गुरुवार शाम से ही गांव में अधिकारी आ गए थे. बताया गया कि योगी हमसे मिलने आ रहे हैं. इसके बाद से अधिकारी हमारे घर को व्यवस्थित करने में जुट गए. रातों-रात घर में सोफा-कालीन लाया गया. इतना ही नहीं, तौलिए तक बदल दिए गए.

मिला कार्रवाई का आश्वासन

यूपी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि देवरिया में शहीद के घर योगी आदित्यनाथ गए थे. परिवार के साथ वहां के लोकल एडमिन की ओर से जो भी चूक हुई, उसकी जांच करवाएंगे. जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी. सरकार की मंशा साफ है, हम शहीदों के परिवारों के साथ हैं.

 

पुंछ सेक्टर में शहीद हुए थे प्रेम सागर

पाकिस्तानी आर्मी ने 1 मई को एलओसी पर फायरिंग की थी. इस दौरान, बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) भारतीय इलाके में 250 मीटर अंदर तक घुस आई थी. BAT ने आर्मी-बीएसएफ की पैट्रोलिंग पार्टी पर हमला कर दिया था.

इस हमले में 200वीं बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सागर और 22 सिख इन्फैंट्री के नायब सूबेदार परमजीत सिंह शहीद हो गए. इतना ही नहीं बीएटी इन जवानों के सिर काट कर ले गई. प्रेम सागर यूपी के और परमजीत पंजाब के रहने वाले थे.

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