योगी के विधायक की दबंगई, IPS ‘लेडी सिंघम’ को सरेआम हड़काया

लाइव सिटीज : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां अपने एक्शन से सुर्खियों में हैं वहीं उनके विधायक अपने दबंगई से आजकल चर्चे में हैं. सीएम योगी के क्षेत्र गोरखपुर से एक वीडियो चैनलों में खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में सीएम योगी के विधायक सरेआम एक महिला आईपीएस अधिकारी को हड़का रहे हैं.

यह घटना गोरखपुर के करीमनगर की है. जहां कुछ लोग शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. तनाव के बीच स्थानीय भाजपा विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल मौके पर पहुंचे. विधायक राधा मोहन दास के मौक पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने महिला आईपीएस चारू निगम पर यह आरोप लगाया कि इन्होंने महिला के साथ मारपीट की और 80 साल के बुजर्ग को घसीटा.

प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के बाद विधायक ने महिला आईपीएस अधिकारी से पूछा कि आप ने भीड़ के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जबकि सरकारी आदेश है कि घनी बस्तियों में शराब की दुकान नहीं चलेगी.इस वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं.

यहां देखें वीडियो

https://www.youtube.com/watch?v=1M-coBsLjTI

विधायक और महिला अधिकारी का यह वीडियो टीवी चैनलों पर खूब वायरल हुआ. मालूम हो कि चारू एंटी रोमियो स्क्वायड में सक्रिय आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है.चारू निगम का आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी बेइज्जती की. गोरखनाथ क्षेत्र की सीओ चारू ने कहा कि विधायक ने मेरे साथ बदसलूकी की और वह यह भूल गये कि वह एक महिला पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं.

फुटेज में आंसू पोछते दिखाये जाने के बारे में उन्होंने कहा कि वह रोयी नहीं बल्कि जब वरिष्ठ अधिकारी ने उनका समर्थन किया तो वह भावुक हो उठी थीं. घटना के बारे में चारू निगम ने बताया कि महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया था क्योंकि वे यातायात बाधित कर रही थीं. इस मुद्दे पर महिला आईपीएस अधियकारी चारू निगम ने बताया कि विधायक जब तक वहां पहुंचते, सड़क प्रदर्शनकारियों से खाली हो गई थी. संभवत: इसी से वह नाराज हो गये क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनके आने तक वहीं रूकें. 

वहीं बीजेपी  विधायक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से ज्यादती कर रही थीं. ये प्रदर्शनकारी क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रहे थे. वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें जबरन हटाया. इस दौरान उन्होंने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के बुजुर्ग को घसीटा. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अग्रवाल ने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने महिला अधिकारी से बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि क्या वीडियो में उनके हाव भाव से लग रहा है कि वह महिला से बदसलूकी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं क्षेत्राधिकारी (चारू) से बात नहीं कर रहा था बल्कि पुलिस अधीक्षक (नगर) से बात कर रहा था.

यह भी पढ़ें-लालू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, चारा घोटाला में चलेगा आपराधिक मुकदमा