बेटे का शव देख फफक-फफक कर रो पड़े रामा सिंह, बार-बार बेहोश हो रही मां, पत्नी का बुरा हाल

पटना (प्रियांशु) : वैशाली से एलजेपी सांसद रामा सिंह के बेटे राजीव प्रताप सिंह का शव आज रविवार की सुबह पटना स्थित राजीव नगर आवास पर पहुंचा. शव को एक प्राइवेट एम्बुलेंस से पटना लाया गया. शव के घर पहुंचते ही मातम का माहौल हो गया.

शव के पहुंचते ही घर में मचा कोहराम

राजीव की मां और पत्नी शव देखते ही बेहोश हो गईं. रामा सिंह के घर पर परिजनों की भारी भीड़ जमा है. सभी सांत्वना दे रहे हैं. राजीव का शव तकरीबन 7 बजे सुबह पटना लाया गया. बताया जा रहा है कि आज ही दीघा घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा.

शव को देखते ही लिपट पड़ी मां

शव के घर पर पहुंचते ही राजीव की मां वीणा सिंह उसे लिपट गईं. उनका रो-रोर बुरा हाल था. लोग उन्हें अलग करने में जुटे रहे लेकिन वो शव को पकड़े रहीं. जैसे एक मां का कलेजा बाहर आ गया हो. चित्कार का माहौल था.

उधर शव के पटना पहुंचने के बाद से रामा सिंह के आवास पर परिजनों के साथ-साथ राजनीतिक पर्टी के नेताओं के आने का भी तांता लगा हुआ है. पूर्व सांसद सूरजभान सिंह भी शव के पहुंचने की खबर के बाद परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे. उधर जेडीयू एमएलसी संजय सिंह भी पहुंचे और शोक प्रकट किया.

रामा सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राजीव को स्नूकर खेलना बहुत पसंद था. साथ ही बताया कि उनके बेटे को गाड़ी तेज चलाने की आदत थी. यही वजह है कि उनकी जान चली गई.

बता दें कि रविवार को वैशाली के लोजपा सांसद रामा सिंह के बेटे राजीव प्रताप सिंह की मौत एक सड़क हादसे के दौरान इलाहाबाद में हो गई. बेटे की मौत की खबर जब सांसद रामा सिंह को मिली, तब वे झारखंड में थे. खबर सुनते ही बेहोश हो गए. किसी प्रकार साथ रहे लोगों ने उन्हें होश में लाया.

तुरंत पटना के लिए चल दिए. उनके साथ मौजूद लोगों  ने बताया कि रास्ते में बार-बार रामा सिंह बेहोश हो जा रहे थे. मां वीणा सिंह की स्थिति पटना में खराब थी. राजीव की पत्नी को तो संभालना भी काफी मुश्किल हो रही थी.

राजीव प्रताप का घर में दुलार का नाम राहुल था. बड़े प्यार-दुलार में बढ़ा था. पिता रामा सिंह-मां वीणा सिंह ने अपने जिंदगी के बुरे दिनों से राजीव को बहुत दूर रखा था. राजीव अपने पिता के स्वभाव से बिलकुल भिन्न था. पिता भी नहीं चाहते थे कि वह उनके रास्ते चले. राजीव अपने बूते जिंदगी में आगे बढ़ रहा था. पॉलिटिक्स में कोई इंटरेस्ट नहीं था. केनरा बैंक में पीओ की नौकरी मिलने के पहले राजीव पटना के राजीव नगर में चलनेवाले स्कूल में अपनी मां का सहयोग करता था.

केनरा बैंक में पीओ की नौकरी लगी, तब भी उसने बिहार ट्रांसफर कराने की जिद नहीं की. पिता रामा सिंह इतने प्रभाव वाले तो हैं ही कि बिहार ला सकते थे. पर, राजीव ने हिमाचल प्रदेश को ज्यादा अच्छा माना. वहीँ योगदान दिया. पिछले साल 2016 में 16 मई को ही रामा सिंह ने अपने इकलौते बेटे राजीव की शादी बड़े धूमधाम से की थी. तमाम राजनीतिक हस्तियों ने शादी में शिरकत की थी. भाई राजीव की शादी में बहन ऋचा, संगीता और श्वेता ने खूब धूम मचाई थी.

राजीव शादी के एक साल पूरा होने पर पटना आये थे. यह राजीव की आदत शुरूआत से ही थी कि वह लांग ड्राइव पर जाता था. मां-पिता कितना भी कहते, ड्राईवरों पर राजीव का भरोसा नहीं होता था. तभी तो वह फिर से होंडा सिटी कार को लेकर अकेले दिल्ली होते हुए हिमाचल प्रदेश जाने को निकल पड़ा था. केनरा बैंक की नौकरी में आने के बाद यह कार राजीव ने हिमाचल प्रदेश में ही खरीदी थी. पटना से चलने के बाद वह कुछ देर के लिए वाराणसी में रुका था.

दुर्घटना इलाहाबाद-वाराणसी हाईवे पर बनकट गांव के पास दोपहर 3 बजे के करीब हुई. राजीव अपनी कार को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी कार ट्रक से भिड गई. टक्कर लगते ही कार पलटी और सर्विस लेन से नीचे जा गिरी. हादसा देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को खबर दी. कुछ ही देर में SHO सोराव सतेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल राजीव को स्वरुप रानी नेहरु अस्पताल ले गए, जहां डोक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस के मुताबिक़ हादसा इतना खतरनाक था कि कार का रिम भी फट गया.

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