आईटी और विकास से लालटेन वालों का क्या वास्ता? सुशील मोदी ने कहा- राजद-कांग्रेस ने बिहार को लूटने का किया काम

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : एनडीए सरकार सामाजिक न्याय के साथ विकास के रास्ते पर चल रही है. डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर गांव-गरीब के जीवन में विकास की क्रांति लाने वाली कुल 4411.55 करोड रुपये़ की योजनाओं का शुभारम्भ किया. राजद ने अपने राज में केवल भ्रष्टाचार किया, इसलिए उसे ढांचागत संसाधनों में निवेश और “लूट” में फर्क समझ में नहीं आता.

मोदी ने आगे कहा कि आईटी और विकास से लालटेन वालों का क्या वास्ता? वे तो इसलिए छाती पीट रहें हैं कि उन्हें मॉल-मिट्टी-जमीन से बेनामी सम्पत्ति बनाने का मौका नहीं मिल रहा है.



राजद-कांग्रेस की सरकार ने जहां निगमों को बीमार कर बंद करने की पहल की, वहीं एनडीए की सरकार ने उसे पुनर्जीवित करने के साथ ही नए निगमों का भी गठन किया.

पांच वर्षों में राज्य सरकार का निर्माण कार्यों पर पूंजीगत परिव्यय 1.54 लाख करोड़  तक पहुंच गया है. राजद-कांग्रेस के कार्यकाल में बंद निगमों को एनडीए की सरकार ने पुनर्जीवित किया, कई नए निगमों का गठन भी किया गया.

सुशील मोदी ने कहा कि विकास को गांवों की तरफ मोड़ने और स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने के लिए नाबार्ड से कर्ज लेकर 101 प्रखंडों में सूचना तकनीक भवन का निर्माण कराया जा रहा है.

ग्रामीण क्षेत्रों में 500 बस स्टॉप बनेंगे. ग्राम परिवहन योजना के तहत व्यावसायिक वाहन खरीदने के लिए 26000 से ज्यादा लोगों को अनुदान दिये गए. इनमें अतिपिछड़ा वर्ग के 10565 लाभुक हैं. सबसे ज्यादा 15,702 लाभुक एससी-एसटी समुदाय के हैं.

राजधानी पटना के निकट बिहटा में 250 करोड़ की लागत से विकास प्रबंधन संस्थान बनेगा। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में 22 सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र बनेंगे।