महागठबंधन की कैसे हुई हार, कांग्रेस के इन नेताओं ने पीसी कर सबको बता दिया

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद महागठबंधन में मंथन तेज हो गया है. आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम और सीपीआईएमएल के अंदर इस बात पर विचार किया जाने लगा है कि आखिरी इतनी तैयारी के बाद कैसे मात मिली. आखिरी चूक कहां हो गयी.

कुछ ऐसा ही कांग्रेस के अंदर भी मंथन चल रहा है. पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, सांसद अखिलेश सिंह, विधानपार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने चुनाव परिणाम को लेकर प्रेस कांफ्रेंस किया. प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि महागठबंधन हारा नहीं बल्कि सीएम आवास से सारी कारगुजारी की गयी . कई सीटों पर प्रत्याशियों की जीत की घोषणा के बाद भी उन्हें सर्टिफिकेट तक नहीं दिया गया.



उन्होंने कहा कि मतगणना के दिन हुई हेराफेरी को बिहार की जनता भी समझ गई है, और भविष्य में इसका जवाब जनता ही देगी. महागठबंधन को सोची समझी साजिश के तहत हराने का काम किया गया. चुनावी सभा के दौरान जनता का आक्रोश बदलाव के पक्ष में वोट किया, लेकिन सत्ता की हनक दिखाकर उसका अपहरण कर लिया गया.

वहीं सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि चुनाव परिणाम को अंतिम समय से प्रभावित किया गया. एक अणे मार्ग में सीएम नीतीश के साथ बैठकर सुशील मोदी, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश देते रहे हैं. यह बात सभी ने देखा है. प्रदेश की जनता ने बदलाव के लिए वोट किया, लेकिन सत्ताधारी दल ने पीछले दरवाजे से जनमत का अपहरण करने का काम किया.

सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि जहां जीत हार का अंतर कम था वहां महागठबंधन के उम्मीदवारों को हरा दिया गया. मतगणना के दिन बिहार में जनमत की चोरी की गई है. उन्होंने बरबीघा, हिलसा समेत कई सीटों का नाम लेते हुए कहा कि यहां पर महागठबंधन के उम्मीदवार की जीत हो चुकी थी. लेकिन उन्हें कई घंटों तक सर्टिफिकेट नहीं दिया गया. इसके लिए हमलोगों ने भी कई दफा संबंधित डीएम को फोन किया. लेकिन नतीजा सिफर रहा.