‘’अगर मैं कोरोना पॉजिटिव हुआ और मेरे साथ कोई हादसा होता है, तो इसके लिए नीतीश कुमार जी जिम्मेदार होंगे’’

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कोरोना से पीड़ित लोग और उनके परिजनों के लिए लड़ रहे पप्पू यादव को 32 साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर राजधानी पटना से मधेपुरा शिफ्ट कर दिया गया. मंदिरी स्थित उनके आवास पर पहले पटना पुलिस ने नजरबंद किया, फिर बात बिगड़ती देख उन्हें गांधी मैदान थाना ले जाया गया. कई घंटे के हाई प्रोफाइल ड्रामे के बाद शाम को मधेपुरा पुलिस ने आकर उन्हें पटना से ले गयी.

पटना से मधेपुरा जाने के दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज मेरा टेस्ट भी नेगेटिव आया है और अगर मैं कोरोना पॉजिटिव हुआ और मेरे साथ कोई हादसा होता है, तो इसके लिए नीतीश कुमार जी आप जिम्मेदार होंगे. उन्होंने कहा कि मुझे मरने का डर होता तो मैं अपने ऑपरेशन के बाद 3 महीने के बेड रेस्ट को छोड़कर अस्पतालों में कोरोना पीड़ितों के बीच दवाई, कंधे पर सिलिडर और शमशान तक मे लोगों को सहायता नहीं कर रहा होता.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब आप 71 की उम्र में ये कहना बंद कर दीजिए, कि आप न किसी को बचाते हैं औऱ न किसी को फंसाते हैं. पूरी दुनिया ने देख लिया. पप्पू यादव ने कहा कि नीतीश जी अगर मेरे मरने से बिहार की जनता की जान बचती है, तो ऐसे सौ जान कुर्बान. लेकिन आप से आग्रह है कि तमाम नेताओं के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चल रहे लूट के धंधे को बंद कर दीजिए. इससे कई लोगों की जान बच जाएगी.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी जितना दम आपने भाजपा के इशारे पर मुझे जेल भेजने में लगाया है, उतना दम अगर आप अस्पतालों में लगा देते तो आज यह नौबत ही नहीं आती. पप्पू यादव ने तमाम विपक्ष से मिले सपोर्ट का आभार व्यक्त किया और लालू यादव से आग्रह कि बिहार को बचाने में संघर्ष तेज करे. एक सवाल के जवाब में पप्पू यादव ने ये भी कहा कि अगर आज हम जेल में है तो तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे, अस्पतालों में दवा लेकर जाए, लोगों को बेड उपलब्ध कराए. हमारे लोग हमेशा उनके साथ रहेंगे.

अंत मे पप्पू यादव ने कहा कि सरकार की नीयत इतनी खराब है कि आज गरीब लोगों को हर रोज जाने वाले खाने को बंद करा दिया. इसलिए जब  तक बिहार के मेरे गरीब भाई बहन और अस्पतालों में कोरोना का इलाज करा रहे लोग भूखे रहेंगे, तब तक मैं भी पानी का एक निबाला नहीं लूंगा.