“अगर हमारे अब्बू डॉ शहाबुद्दीन साहब सिवान में दफन नहीं हुए तो, तेजस्वी की राजनीति हमेशा के लिए दफन हो जाएगी”-ओसामा शाहाब

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का दिल्ली में शनिवार को कोरोना से निधन हो गया. शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे थे. शव को बिहार ले जाने की मांग को लेकर उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट में केस फाइल किया था लेकिन कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी. कोर्ट ने शहाबुद्दीन के शव को कोविड प्रोटोकॉल के तहत दिल्ली में ही दफन करने का आदेश जेल प्रशासन को दिया है.बताया जा रहा है कि उनके शव को मंगोलपुरी के कब्रिस्तान में दफना दिया गया.

पिता का शव बिहार नहीं आने पर शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब ने आरजेडी पर जमकर भड़ास निकाला है. उन्होंने एक के बाद कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने लिखा कि “ अगर हमारे अब्बू डॉ शहाबुद्दीन साहब अपनी जन्मभूमि सिवान में दफन नहीं हुए तो, तेजस्वी यादव की राजनीति हमेशा के लिए ज़मीन में दफन हो जाएगी, इंशाअल्लाह!”

आगे उन्होंने लिखा कि “अगर शहाबुद्दीन साहब की जगह कोई यादव होता तो, अब तक तेजस्वी अपने सारे विधायकों को लेकर दिल्ली पैदल आ गया होता. मैं यह नहीं कहता की मेरे को फॉलो करो मेरी पोस्ट को शेयर करो, आप सब से इतनी ही गुज़ारिश हैं सब लोग एक साथ मिल कर मिल कर मेरे अब्बू के लिए आवाज उठाएं, हम ने जिन लोगों पर भरोसा किया वो बिक चुके हैं”.

ओसाम शाहाब ने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि ”आज हमारे साथ RJD का एक भी नेता खड़ा नहीं दिख रहा पहले हमारी लड़ाई RSS/BJP से थी अब RJD से भी हैं!”

बता दें कि तिहाड़ की जेल संख्या दो में बंद शहाबुद्दीन का पहले जेल परिसर स्थित अस्पताल में इलाज किया गया, लेकिन हालत में सुधार होता नहीं देख उन्हें हरि नगर स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में 20 अप्रैल को भर्ती कराया गया था. यहां आईसीयू में लगातार उसका उपचार चल रहा था. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. तबीयत खराब होने के बाद उनका कोरोना टेस्‍ट कराया गया था. 21 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. इसके बाद उनका इलाज दिल्‍ली के एक अस्‍पताल में कराया जा रहा था. उनकी तबीयत काफी अधिक खराब होने के बाद दो दिनों से वेंटिलेटर पर रखा गया था.

शहाबुद्दीन की दिल्ली में मौत पर स्वजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है. इधर राजद के कई बड़े नेताओं ने कहा है कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद तिहाड़ जेल प्रशासन ने शहाबुद्दीन के इलाज में गंभीरता नहीं दिखाई. इस बीच हैदराबाद से सांसद असुदुद्दीन ओवैसी ने भी शहाबुद्दीन का उपचार ठीक से न किए जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने तो यहां तक कहा कि शहाबुद्दीन को कोविड-19 के मरीज के साथ रखा गया. उनके इलाज में लापरवाही बरती गई.