हमें कुछ नहीं आता तो बयानबाजी क्यों करते हैं, सीएम नीतीश के आरोप का तेजस्वी ने ऐसे दिया जवाब…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  सीएम नीतीश के आरोप का जवाब देते हुए तेजस्वी ने कहा कि जिनके पास कुछ कहने को नहीं बचता है, वो इसी प्रकार की ही बातें करते हैं. हमें कुछ नहीं आता है तो बयानबाजी क्यों करते हैं. नीतीश कुमार हमारी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. लेकिन उनके 15 साल के कार्यकाल में राज्य का युवा बेरोजगार हो गये. भ्रष्टाचार और क्राइम का ग्राफ आसमान पर चला गया. यहां मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहा है और सरकार खुद को बेहतर बताती है. बिहार में नीतीश कुमार की सरकार फेल हो चुकी है.

जेडीयू के निश्चय संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से किये जा रहे ट्वीट को लेकर भी निशाना साधा. सीएम ने कहा कि कुछ लोगों को सिर्फ बोलना आता है. वैसे लोगों को काम से कोई मतलब नहीं रहता है. बस कुछ ना कुछ बोलते रहना है. वैसे लोग सोशल मीडिया पर बिना जानकारी के ही कुछ ना कुछ बोलते रहते हैं. उनहोंने कहा कि मैं चुनौती देता हूं, मेरा काम को देख लें, फिर आकर बोलें. मेरा कोई निजी स्वार्थ नहीं है.



लालू फैमिली पर तंज कसते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उनके लिए पति-पत्नी, बेटा-बेटी ही पूरा बिहार है. लेकिन मेरे लिए पूरा बिहार ही परिवार है. उन्होंने कहा कि वैसे लोगों को केवल एडवाइजर बनने आता है. जबकि उन्हें कुछ भी करना नहीं आता है. उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से हर क्षेत्र में मदद मिल रही है. सड़क के निर्माण में मदद मिल रही है. हमलोग मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से कहा कि सब लोग मिलकर एनडीए को वोट दीजिए. जनता मालिक है. फैसला आपको करना है. कुछ लोग माल बनाने वाले हैं. यह तो आपको सोचना है. लोगों को गुमराह नहीं होना है. उन्होंने कहा कि मेरी आदत अनाप-शनाप बोलने वाली नहीं रही है.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 पूरी दुनिया में फैला हुआ है. 10 लाख की आबादी पर देशभर में जितने लोगों की जांच हुई, उससे 3 हजार ज्यादा बिहार में हुई है. बाहर फंसे लोगों को 1-1 हजार रुपये की मदद दी गई. अप्रैल महीने में 22 लाख के करीब ट्रेनों के माध्यम से लोग बिहार आए. क्वारंटाइन सेंटर में 15 लाख लोगों को 14-14 दिन तक रखा गया. एक आदमी पर राज्य सरकार ने 5300 रुपये खर्च किये. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है. हमारे विकास से बहुत लोगों को चिढ़ होती है. लेकिन सेवा को ही हम अपना धर्म मानते हैं. समाज सुधार का काम किया. शराबबंदी लागू की. अल्पसंख्यकों के विकास के लिए हमने काम किया.