आपके नाम पर है फ्लैट या प्लॉट तो हो जाइए अलर्ट, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

लाइव सिटीज डेस्क : लोगों के पास पैसे हैं तो प्‍लॉट या फ्लैट खरीदना कोई मुश्किल काम नहीं है. इतने सारे बिल्डर्स हैं. रियल एस्टेट कंपनियां है जो अपने ग्राहकों को खुश  रखने के उनकी हरेक बाधाओं को दूर कर फ्लैट उपलब्ध करा देते हैं. लेकिन खबर यह है कि अगर आप अपने नाम से फ्लैट या प्‍लॉट बुक करा चुके हैं या खरीद चुके हैं तो आपको अलर्ट रहने की जरूरत है.

अलर्ट होना इसलिए जरूरी है क्योंकि अब केंद्र सरकार सर्वे कर रही है कि जिनके नाम पर फ्लैट या प्‍लॉट है वे लोग इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल कर रहे हैं या नहीं. ऐसे में अगर आप फ्लैट या प्‍लॉट के मालिक हैं और आप इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं तो आप से सरकार पूछ सकती है कि आपने घर या प्‍लॉट कैसे खरीदा है.

जो इनकम टैक्स फाइल कर रहे हैं उन्हें टेंशन लेने की जरूरत नहीं है लेकिन जो लोग नहीं फाइल कर रहे ऐसे लोगों पर इनकम टैक्स विभाग नजर बनाये हुए है. सर्वे के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है. अगर इनकम टैक्‍स विभाग को लगता है कि आपकी प्रॉपर्टी आपकी इनकम प्रोफाइल को मैच नहीं करती है तो इनकम टैक्‍स विभाग आपको नोटिस देकर पूछ सकता है कि अपने फ्लैट या प्‍लॉट कैसे खरीदा है और आप इनकम टैक्‍स रिटर्न क्‍यों नहीं फाइल कर रहे हैं.

एक टैक्स विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार अगर आपके पास इनकम टैक्‍स विभाग का नोटिस आता है तो आप को सही जानकारी देनी चाहिए. उदाहरण के लिए आपने घर या प्‍लॉट लोन लेकर खरीदा है तो आप जवाब में इस बात की जानकारी दे सकते हैं लेकिन अगर इनकम टैक्‍स विभाग की जांच में पता चलता है कि आप ने अपनी इनकम को डिक्‍लेयर नहीं किया है जबकि आपकी इनकम पर टैक्‍स बनता है तो आप को टैक्‍स के साथ पेनल्‍टी भी देनी पड़ सकती है.

अगर इनकम टैक्‍स विभाग यह साबित कर देता है कि आपकी इनकम पर टैक्‍स बनता है और आप ने टैक्‍स ने दिया है तो आपको टैक्‍स के साथ 100 से 200 फीसदी तक पेनल्‍टी देनी पड़ सकती है. ऐसे में आपको इनकम टैक्‍स रिटर्न न भरना महंगा पड़ सकता है.

इनकम टैक्‍स विभाग ने वित्‍त वर्ष 2017-18 में 1.20 करोड़ नए फाइलर्स को जोड़ने का लक्ष्‍य तय किया है. इसके लिए इनकम टैक्‍स विभाग ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है जिनको नियम के तहत इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करना चाहिए लेकिन वे इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं.