भागलपुर के सबौर में मिट्टी का अवैध खनन जारी, गंगा तट से प्रत्येक दिन सैकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी की हो रही ढुलाई, दहशत में लोग

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के लिए बाढ़ एक श्राप की तरह है. हर साल बाढ़ में लाखों घर बर्बाद हो जाते है. भारी जान-माल की छति होती है. पुनर्वास योजना के तहत फिर से लोगों की जिंदगी पटरी में लाने के लिए लाखों-करोड़ों रूपये खर्च किए जाते हैं, फिर भी बाढ़ से बर्बाद हो चुके लोगों की टिस बरकरार रहती है. बाढ़ पूर्व बांधों की मरम्मती, तटबंधों की मजबूती समेत नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को लेकर कई प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच अवैध कारोबारी सरकार के नाक के नीचे नदी तटबंधों से मिट्टी कटाई धड़ल्ले से कर रहे हैं.

एक ऐसी ही तस्वीर भागलपुर से सामने आयी है. जहां मिट्टी के कारोबारियों के द्वारा गंगा के किनारे कटाव ग्रस्त क्षेत्रों से अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर उसे बेचा जा रहा है.  जिले के सबौर प्रखंड क़ा रजन्दीपुर पंचायत स्थित गंगा का कटाव क्षेत्र में यह खेल जोरों पर जारी है. यहां मिट्टी के अवैध कारोबारियों के द्वारा गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों से अवैध खनन कर मिट्टी काटकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है. जिससे नदी तटों पर बसे गांव के लोगों में दहशत हैं.

गांव वाले सरकार एवं जिला प्रशासन से रिंग बांध बनाए जाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मिट्टी काटे जाने से बाढ़ के संभावित खतरे से संकट में दिख रहे हैं. जब गंगा किनारे से दर्जनों ट्रैक्टरों के द्वारा मिट्टी को अवैध रूप से काटकर ढोये जाने की बात वहां मौजूद लोगों से पूछा गया तो सभी धीरे धीरे से चलते बने. दबी जुबान में ग्रामीणों ने सबौर थाना पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत से मिट्टी का अवैध कारोबार किए जाने की बात कही.