शराबबंदी पर बिहार में दूसरी सबसे बड़ी सजा, महिला को 10 साल जेल, 1 लाख जुर्माना

लाइव सिटीज डेस्क : शराबबंदी कानून को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है. बिहार शराबमुक्त हो. इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से चौकस है. महिला हो या पुरुष इस धंधे से जुड़े किसी को भी बख्शने की कोई गुंजाईश नहीं है. ताजा मामला मुंगेर में देखने को मिला, जहां एक अदालत ने शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाली एक महिला को कठोर सजा दी है. ban-liquor-dna_0.jpg

45 साल की एक महिला को 10 साल की जेल की सजा अदालत ने सुनाई है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन नाथ ने विधवा माला देवी को शराबबंदी कानून के उल्लंघन का दोषी माना. जिसके बाद महिला माला देवी को 10 साल की सजा सुना दी. बता दें कि इस महिला के घर में अवैध शराब का निर्माण किया जा रहा था. इनके कनेक्शन शराब माफियाओं से भी हैं.बिहार में अब तक का सबसे बड़ा दंड, स्पेशल कोर्ट ने शराब कारोबारी को सुनाई 15 साल की सजा



माला देवी को 10 साल की जेल की सजा के साथ-साथ 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं दे पाने की स्थिति में दोषी महिला को अतिरिक्त 6 महीने जेल की सजा काटनी होगी. बता दें कि इस मामले में जो FIR दर्ज की गई है उसके अनुसार, पुलिस ने पिछले साल 2016 में फ्रेश 10 लीटर महुआ जूस और 15 लीटर सड़ा हुआ महुआ जूस माला देवी के घर से बरामद किया था. बता दें कि दोषी माला देवी का घर मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर के छोटी मुशहरी में पड़ता है.

बता दें कि पिछले साल ही नीतीश कुमार की सरकार ने शराबबंदी कानून को बिहार में लागू किया था. सरकार ने इसे सख्ती से पालन करवाने के लिए कई कड़े कदम और सामाजिक कदम भी उठाए. लोगों से सहयोग के लिए मानव श्रृंखला भी पिछले साल 21 जनवरी को बनाया गया था. साथ ही युद्ध स्तर पर शराब की तस्करी रोकने के लिए छापेमारी की गई जो आज भी जारी है. लगातार शराब जब्त किये जा रहे हैं, बावजूद इसके शराब पर अब तक राज्य में पूरी तरह से लगाम नहीं लग सकी है.