पटना में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, किसान आंदोलन के समर्थन में वामदल और आरजेडी का था राजभवन मार्च

लाइव सीटिज, सेंट्रल डेस्क :पटना का डाकबंगला चौराहा काफी देर तक रणक्षेत्र बना रहा. पुलिस और वामदलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई. हालात बेकाबू होता देख पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी. पुलिस के लाठीचार्ज करते ही भीड़ तितर बितर होने लगा. डाकबंगला चौराहे पर भगदड़ मच गयी. लोग इधर उधर भागने लगे.

पटना के गांधी मैदान से दोपहर 12 बजे किसान महासभा और वामदलों से जुड़े हजारों कार्यकर्ता राजभवन की ओर से बढ़ने लगे. डाकबंगला चौराहे से आगे बढ़ने पर जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं के हुजूम को रोक तो वो लोग आक्रोशित हो उठे, प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ राजभवन की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने समझाया, लेकिन नहीं माने. ऐसे में उनकी पुलिस से धक्कामुक्की हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज किया.



पुलिस के रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे पर ही धरने पर पर बैठ गए और कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार नारेबाजी करने लगे. धरने पर बैठने के कारण पूरा पटना में जाम की स्थिति उत्पन्न गो गयी. पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर डाकबंगला को खाली कराया. तब जाकर आवागमन सामान्य हो पाया.

प्रदर्शनकारी नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे थे. इनकी माने तो नये कृषि कानून कॉरपोरेट जगत को फायदा पहुंचाने वाला है. इस कानून से देश के किसान व्यापारियों के गुलाम बनकर रह जाएंगे. दिल्ली में देश के किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन केन्द्र सरकार उनकी मांग को नहीं मान रही है.

प्रदर्शनकारियों ने हंगामा करते हुए कहा कि जबतक नये कृषि कानून को रद्द नहीं किया जाता, तबतक पूरे देश में वाम दल और किसान संगठनों की ओर से प्रदर्शन जारी रहेगा. केन्द्र की सरकार गरीब और किसान विरोधी है.