कैमूर स्थित पैतृक गांव में विधान परिषद के पूर्व सभापति स्वर्गीय प्रो. अरुण कुमार का अंतिम दर्शन करने उमड़ी भारी भीड़, जिलाधिकारी और विधायक ने दी श्रद्धांजलि

लाइव सिटीज,कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे): जिले के दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के मछनहट्टा गांव में बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति स्वर्गीय प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह अन्तिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गाँव में लोगों का हुजूम उमड़ गया. कैमूर जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला एवं बिधायक सुधाकर सिंह उनके गाँव पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया. प्रो डॉ. अरुण कुमार मानव भारती प्रभृति साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संस्थापक अध्यक्ष और मंत्री रहे. साथ ही 7 बार कांग्रेस पार्टी से विधान परिषद सदस्य रहे. सबसे बड़ी बात यह है कि इनकी बिद्वता से प्रभावित हो कर कोई पार्टी इनके बिरोध में अपना प्रत्यासी नहीं उतारती थी.

इस प्रकार 42 बर्ष एक लम्बे समय तक ये बिधान परिषद सदस्य रहे. इतना ही नहीं सभापति के तौर पर 5 जुलाई, 1984 से 3 अक्तूबर,1986 तक बखूबी निर्वहन किया. वहीं नीतीश सरकार में भी उन्होंने 16 अप्रैल, 2006 से 4 अगस्त, 2009 तक बिहार विधान परिषद् के कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी निभायी. 2 जनवरी, 1931 को कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मछनहट्टा गांव में जन्मे डॉ. अरुण कुमार की राजनीति और साहित्य में बराबर रुचि रही.

जिलाधिकारी, कैमूर
सुधाकर सिंह,विधायक

उनके पुत्र डॉ अशोक कुमार सिंह के द्वारा हिन्दु रीति रिवाज के साथ बराणसी के मर्कर्णिका घाट पर मुखाग्नि देकर अन्तिम संस्कार  किया गया. बिधायक सुधाकर सिंह ने कहा कि उनकी मौत राजनीति एवं साहित्य के क्षेत्र मे एक अपूरणीय क्षति है जिसे कोई पूरा नहीं कर सकता.