सदन में विपक्ष के विधायकों की पिटाई मामले में मुख्यमंत्री नीतीश से साफ-साफ कह दी ये बात…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बजट सत्र के दौरान बिहार विधानमंडल में विपक्षी विधायकों की पिटाई मामले में कार्रवाई शुरू हो गयी. स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने मॉनसुन सत्र की शुरूआत से पहले ही वीडियो फुटे के आधर पर सिपाही के दो जवान को निलंबित कर दिए जाने की जानकारी दी. साथ ही अन्य दोषियों पर जल्द ही कार्रवाई किए जाने की बात कहीं. इस मामले में सिर्फ दो सिपाही पर कार्रवाई किए जाने को विपक्ष नाकाफी बता रहा है. तेजस्वी ने कहा कि इस मामले में सिर्फ सिपाही पर कार्रवाई कर सरकार खानापूर्ति करना चाहती है.

इधर इस मामले पर सीएम नीतीश कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी है. एनडीए विधानमंडल दल की बैठक के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ये विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्राधिकार का मामला’ ‘आचार समिति इस पूरे मामले की जांच कर रही है. विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.

पंचायती राज संशोधन विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि कोविड के कारण बिहार में पंचायत चुनाव टालना पड़ा था. इसको लेकर परामर्शी समिति बनाकर कार्यों को सुचारू रूप से चालू रखा गया. महामारी के चलते चुनाव टालना जरुरी था. वहीं एनडीए विधानमंडल दल की बैठक को लेकर सीएम ने कहा कि विधायकों को सदन में मौजूद रहना जरूरी है. विपक्ष के हर सवाल को जवाब दिया जाएगा.

बता दें कि मॉनसुन सत्र के पहले दिन विपक्ष के कई विधायक हेलमेट पहनकर सदन आए थे. सभी ने बजट सत्र के दौरान हुए मारपीट की चर्चा करते हुए कहा कि हमलोग अभी भी डर के साए में है. किसी ने हेलमेट पहनकर हाथों में झाल ले रखा था तो कोई रंग बिरंगी हेलमेट पहन रखा था. ये विपक्षी विधायकों की पिटाई के लिए सरकार पर कटाक्ष कर रहे थे.