रूपेश मर्डर मामले में 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, सबूत की तलाश में अंधेरे में चला रही तीर!

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : बिहार में नए साल का सबसे चर्चित हत्याकांड में 48 घंटे के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन हेड रूपेश सिंह के मामले में पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है. मामला कितना गंभीर है कि इस मर्डर केस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ-साफ कह दिया है कि अपराधियों की गिरफ्तारी अविलंब हो.

उन्होंने डीजीपी एसके सिंघल को बुलाकर सख्त निर्देश दिए. गुरुवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी दिवंगत रूपेश सिंह के जलालपुर स्थित घर पहुंचे और उनके परिवार वालों से मिले. दिवंगत रूपेश सिंह की बेटी सुशील मोदी से लिपटकर रोने लगी. माहौल पूरी तरह भावुक हो गया. बेटी ने रोते हुए कहा कि हमें इंसाफ चाहिए. हमें इंसाफ मिले.



बता दें कि मंगलवार की देर शाम रूपेश सिंह जब पुनाईचक स्थित अपने आवास लौट रहे थे. तभी अपराधियों ने उन्हें गोलियों से भून दिया. अस्पताल ले जाने के क्रम में उनकी मौत हो गई.  इस मामले में 48 घंटे के बाद भी जांच में उलझी पुलिस शूटर तक पहुंचने की कोशिश में लगी है. लेकिन अभी तक उसे बड़ी सफलता नहीं मिली है. जबकि इस मामले में एसटीएफ और एसआइटी की टीमें छानबीन कर रही हैं. इसके बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. शूटर और लाइनर तक पहुंचने की कोशिश लगातार की जा रही है. लेकिन हत्या के पीछे की मुख्य वजह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है. कहा जा रहा है कि पुलिस पांच बिंदुओं पर जांच कर रही है. तीन संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. लेकिन उनसे भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

एसआइटी के एक अधिकारी की मानें तो हत्‍याकांड के कुछ शूटर पटना के बाहर के हैं, जबकि लाइनर का कनेक्शन राजधानी से ही जुड़ा है. पुलिस मान रही है कि कोई है जिसने अपराधियों को ठहरने के लिए जगह दी थी. वहीं पुलिस का यह भी दावा है कि लाइनर लगातार शूटरों के संपर्क में था. शूटरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज वैशाली, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, छपरा, सिवान, मोतिहारी, सीतामढ़ी सहित अन्य जिलों की पुलिस के पास भी भेजे गए हैं.