रेलवे के इस फरमान से अफसरों में हड़कंप, पढ़िए क्या है पूरा मामला

लाइव सिटीज डेस्क : रेलवे ने एक ऐसा फरमान जारी किया है जिससे अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है.  दरअसल 3 मई 2016 के बाद प्रोन्नति पाने अफसरों को फिर से मूल पदों पर भेजे जाने का आदेश प्राप्त हुआ है. मतलब यह कि रेलवे बोर्ड ने वरिष्ठ वेतनमान से अवर प्रशासनिक वेतनमान में प्रोन्नति पाने वाले अफसरों को मूल पदों पर वापस भेजने का आदेश जारी किया है. रेलवे बोर्ड का यह फैसला देश के 16 जोनों में 25 दिसंबर तक प्रभावी होना है.

इस फैसले को लेकर उत्तर मध्य रेलवे के प्रमोटी ऑफीसर्स एसोसिएशन ने ऐतराज जताते हुए कोर्ट  जाने का फैसला किया है. रेलवे में वरिष्ठ वेतनमान पाने वाले ग्रुप बी श्रेणी के अफसरों को अवर प्रशासनिक वेतनमान देते हुए प्रोन्नति की व्यवस्था रही है.
कुछ माह पूर्व प्रोन्नत अफसरों के प्रमोशन की तिथि (एंटी डेटिंग) के विरुद्ध ‘ए’ ग्रेड के रेल अफसरों ने आपत्ति जताते हुए पटना कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस मामले में पटना कोर्ट ने प्रमोटी अफसरों के खिलाफ फैसला सुनाया था. इस पर रेलवे बोर्ड ने 6 दिसम्बर को देश के सभी जोनल रेलवे को यह आदेश जारी कर दिया. रेलवे में ठेकेदारी के नाम पर ठग लिए 11.30 लाख, FIR भी दर्ज नहीं कर रही थी पटना पुलिस



ए श्रेणी में सीधे भर्ती होकर आने वाले अफसरों ने आपत्ति जताई थी कि वह प्रतियोगिता में कड़ी मेहनत के बाद चयनित होते हैं, जबकि श्रेणीवार पदोन्नति का लाभ पाकर कई अफसर उनके जैसा वेतन और सुविधाएं पा रहे हैं. प्रमोशन पाने वाले वाले अफसरों का बीते 5 साल पूर्व की तिथि (एंटी डेटिंग) निर्धारित कर वेतनमान एवं सुविधाओं का लाभ दिया जाता है. इसे लेकर सीनियर अफसरों ने पटना कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर कोर्ट ने सीनियर अफसरों के पक्ष में फैसला सुनाया था.