सऊदी सरकार ने बढ़ाई मुसीबत, मजबूर बिहारियों को लौटना पड़ेगा स्वदेश

गोपालगंज (टी.एन.मिश्रा) : सऊदी अरब में रहनेवाले भारत के कामगारों को परिवार रखना काफी मुश्किल भरा हो सकता है. सऊदी  अरब की सरकार ने एक जुलाई से प्रवासियों पर ‘डिपेंडेंट टैक्स’ लगाने का फैसला किया है. इससे वहां काम करनेवाले प्रवासियों को प्रति आश्रित 100 रियाल यानी करीब 1700 रुपये बतौर टैक्स देना होगा. सऊदी  सरकार के इस फैसले का असर सभी प्रवासियों पर पड़ेगा. सबसे ज्यादा असर गोपालगंज पर पड़नेवाला है, क्योंकि जिले के करीब 9,000 परिवारों के करीब 62,000 सदस्य सऊदी  में काम करते हैं. 

डिपेंडेंट टैक्स का करना होगा अग्रिम भुगतान
सऊदी  सरकार ने फैसला किया है कि ‘डिपेंडेंट टैक्स’ अग्रिम भुगतान किया जाये, ताकि यह पता चल सके कि वहां कार्यरत कामगारों के कितने आश्रित रहेंगे. हालांकि, सऊदी  में रहनेवाले गोपालगंज के अधिकतर परिवारों को इसकी जानकारी नहीं है. सऊदी  में पिछले कई वर्षों से परिवार के साथ रहनेवाले कुचायकोट के इशवापुर निवासी विपिन बिहारी दूबे के पुत्र दुर्गेश दूबे ने बताया कि यह बोझ कामगारों के लिए अधिक है. डिपेंडेंट टैक्स का भुगतान कर वहां परिजनों को रखना काफी मुश्किल भरा है.  

कैसे उठायेंगे 1700 रुपये प्रति व्यक्ति टैक्स का बोझ
सऊदी  में अमूमन होटल में काम करनेवाले, एकाउंटेंट, ड्राइवर, कंपनी कामगार, इंजीनियर, नर्सिंग और तकनीकी काम करनेवालों के अलावा मजदूरों की संख्या ज्यादा है. भारत की तुलना में सऊदी  में कामगारों को बेहतर पारिश्रमिक मिलता है. इसके बावजूद प्रति व्यक्ति 1700 रुपये देने से इन लोगों का आर्थिक पक्ष कमजोर हो सकता है. इस कारण परिजनों को रखना काफी मुश्किल होगा.

परिजनों को वापस भारत भेजने को हुए मजबूर
सऊदी  सरकार द्वारा ‘डिपेंडेंट टैक्स’ लगाने के फैसले के बाद वहां परिवार के साथ रह रहे कामगार अपने परिजनों को वापस अपने देश भेज सकते हैं, क्योंकि परिजनों को सऊदी  में रखने पर ‘डिपेंडेंट टैक्स’ का बोझ कामगार ज्यादा दिनों तक वहन नहीं कर पायेंगे. वहीं, कुछ सऊदी  से जुड़े लोगों का कहना है कि सऊदी  सरकार चाहती है कि उनके यहां सिर्फ कुंवारे प्रवासी ही रहें. उम्मीद जतायी जा रही है कि सऊदी  सरकार भविष्य में ‘डिपेंडेंट टैक्स’ में बढ़ोतरी कर सकती है. ऐसे में इन लोगों का मानना है कि अपने परिवार के लोगों को वापस भारत भेजना ही बेहतर है.

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