‘श्रृंखला’ पर सियासत : जदयू और भाजपा का कुशवाहा पर हमला तेज, लगाए ताबड़तोड़ आरोप

'मानव कतार' में उपेंद्र कुशवाहा के साथ शामिल राजद के शिवानंद तिवारी

लाइव सिटीज डेस्क : शिक्षा सुधार श्रृंखला की शुरुआत होते ही सियासत की गाड़ी भी रफ़्तार से चल पड़ी है. उपेंद्र कुशवाहा के साथ राजद ने जैसे ही मंच साझा किया. NDA से हमला शुरू हो गया. जदयू नेता और बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साध दिया. तो वहीं जदयू प्रवक्ता अजय आलोक भी कड़ा-कड़ा बोल गए. बीजेपी से मंत्री प्रेम कुमार ने भी कुशवाहा पर निशाना साधा.

जदयू प्रवक्ता अजय आलोक (फाइल फोटो)

रालोसपा की रैली में राजद से से शिवानंद तिवारी, रामचंद्र पूर्वे के शामिल होने पर जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि बिहार के हित में किये गए किसी भी कार्य में जदयू का नैतिक समर्थन हमेशा प्राप्त है. लेकिन जिस रैली में राजद जाएगा वहां जदयू खड़ा नहीं हो सकता.
इसके बाद जब बारी कृष्णा नंदन प्रसाद वर्मा की थी. उन्होंने कुशवाहा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उपेंद्र कुशवाहा ने मानवश्रृंखला में शामिल होने का नहीं न्यौता तक नहीं दिया. कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि मैं बिहार का शिक्षामंत्री हूँ, लेकिन इस शिक्षा सुधार श्रृंखला में मेरे से कोई चर्चा तक नहीं की गई. वर्मा ने कुशवाहा के नीयत पर ही सवाल खड़े कर दिए. शिक्षा सुधार श्रृंखला : कुशवाहा को RJD का मिला साथ, NDA से कोई नहीं पहुंचा 
दूसरी ओर बीजेपी कोटे से मंत्री प्रेम कुमार भी उपेंद्र कुशवाहा पर फट पड़े. प्रेम कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि NDA का हिस्सा होते हुए उपेंद्र कुशवाहा गठबंधन धर्म नहीं निभा रहे हैं. बता दें कि भाजपा से भी कोई नेता रालोसपा की इस रैली में शामिल होने नहीं पहुंचा.

इधर, इस रैली में जब राजद से शिवानंद तिवारी और रामचंद्र पूर्वे पहुंचे तो उनसे भी मीडिया ने बातचीत की. जब इस मामले में राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे से दहेज़ प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ जब लोग एकजुट हुए तो उसमें राजद से कोई क्यों नहीं गया ? लेकिन आज कुशवाहा की रैली में शामिल होने के क्या मतलब निकाला जाए? इस पर पूर्वे ने जवाब दिया कि शिक्षा का मुद्दा अहम है, शिक्षा सुधार के लिए हम सब साथ हैं. यदि लोग शिक्षित होंगे तो अपने आप दहेज़ प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ हल्ला बोल देंगे.

वहीं जब शिवानंद तिवारी से कुछ सियासी समीकरण की बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं तिवारी हूँ, पंडित हूँ लेकिन ज्योतिष नहीं हूँ. सियासत में कभी भी कुछ भी हो सकता है. इस मामले में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए जो भी साथ आना चाहें उन सभी का हमारी ओर से स्वागत है.

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