बिहार को ‘स्पेशल स्टेटस’ के मुद्दे पर जेडीयू को मिला मांझी का साथ, कहा- अभी नहीं तो कभी नहीं

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: नीति आयोग की रिपोर्ट क्या आयी, बिहार में सियासी घमासान मच गया. रिपोर्ट को आधार बनाकर एक तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी लगातार नीतीश कुमार पर निशाना साध रही है तो जेडीयू ने बिहार के पिछड़ेपन के लिए बीजेपी पर ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया. जेडीयू ने बिहार के पिछड़ेपन के लिए विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने को कारण बताते हुए मोदी सरकार से इसकी मांग की है. उपेन्द्र कुशवाहा ने बजापते ट्वीट कर पीएम मोदी से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है.

वहीं अब मांझी ने भी सीएम नीतीश की तारीफ करते हुए जेडीयू की मांग का समर्थन कर दिया. पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने ट्वीट कर लिखा कि “ कम संसाधनों के बावजूद मा[email protected] जी ने बिहार के बदतर क़ानून व्यवस्था और बेहाल शिक्षा महकमे को दुरुस्त करने में अपनी पुरी ताक़त लगा दी है.अब आधारभूत संरचना को ठीक करने के लिए विशेष राज्य के दर्जे की ज़रूरत है. डबल इंजन की सरकार में विशेष दर्जा नहीं मिला तो कभी नहीं मिलेगा.”

दरअसल नीति आयोग के तरफ से राज्यों के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक (SDG) की रिपोर्ट में बिहार को सबसे फिसड्डी दिखाया गया है. इसपर बिहार में राजनीति शुरु हो गई है. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव समेत विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इसको आधार बनाकर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. सबसे पहले लालू यादव ने 3 जून को ही एक अंग्रेजी दैनिक अखबार में छपी रिपोर्ट को टैग करते हुए कटाक्ष किया कि बधाई हो! आख़िरकार 16 वर्षों की बिहारनाशक मेहनत से नीतीश ने बिहार को नीचे से टॉप करा ही दिया.

राजद सुप्रीमो लालू यादव ने शुक्रवार को भी नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट को लेकर सरकार पर हमला बोला. लालू ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि जदयू-भाजपा के 16 वर्षों के अथक प्रयास और नकारात्मक राजनीति का प्रतिफल है कि बिहार नीचे से शीर्ष पर है. कहा कि कथित जंगलराज का रोना रोने वाले पूर्वाग्रह से ग्रस्त जीव आजकल जुबान पर ताला जड़ बिलों में छुपे हैं. कहा कि बिहार का सत्यानाश हो जाए लेकिन उन लोगों को सामाजिक-आर्थिक न्याय गंवारा नहीं.

अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए तेजस्वी ने शुक्रवार को लिखा, ‘नीतीश कुमार जी की सत्तालोलुप अदूरदर्शी नीतियों, गलत निर्णयों और अक्षम नेतृत्व के कारण बिहार लगातार तीसरे वर्ष भी नीति आयोग की रिपोर्ट में सबसे फिसड्डी प्रदर्शन के साथ सबसे निचले पायदान पर है.’

उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा-नीतीश के 16 वर्षों के कागजी विकास का सबूत सहित यही सार, सच्चाई व असल चेहरा है. तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में कटाक्ष करते हुए लिखा, ‘इस बेहद खराब प्रदर्शन के लिए डबल इंजन सरकार के ड्राइवर को बहुत बधाई. केरल ने भाजपा को एक भी सीट नहीं दी और उसने पहली रैंक हासिल की है. भाजपा और उसके सहयोगियों को 40 में से 39 सीट देने वाला बिहार का प्रदर्शन खराब है.’