रेलवे में 11 हजार पद खत्म करने के फैसले पर JDU गरम, बोला- मामला गंभीर है

लाइव सिटीज डेस्क : इंडियन रेलवे में 11 हजार पदों को खत्म करने के फैसले को लेकर अब बिहार में सियासत शुरू हो गई है. विपक्षी दलों के साथ साथ अब NDA के घटक दल ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले पर एतराज जताया है. राजद और हम पार्टी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला तो जदयू ने भी दोनों पार्टी का इस मुद्दे पर समर्थन किया है. जदयू ने कहा कि हमारी पार्टी रेलवे की कमिटी में इस मामले को हमेशा उठाती रही है.

आपको बता दें कि रेलवे बोर्ड ने वित्त वर्ष 2018-2019 में रेलवे के विभिन्न जोनों में 11,000 से अधिक बेकार पदों को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. बोर्ड ने इस संबंध में सभी महाप्रबंधकों को पत्र लिखा है. इस साल 11,040 पद ‘लौटाये जाने योग्य’ पद के रूप में चिह्नित किए गए हैं जो या तो लंबे समय से खाली रहे हैं या फिर प्रौद्योगिकी उन्नयन के चलते उनकी अब जरूरत नहीं रह गयी है. पिछले साल ऐसे पदों की संख्या करीब 10,000 थी. पत्र के अनुसार उत्तर रेलवे और दक्षिण रेलवे से 1500-1500, पूर्वी रेलवे से 1100 और मध्य रेलवे से 1000 पद खत्म करने को कहा गया है.

इस मामले पर जदयू के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि हमलोग रेलवे की कमिटी में इस मामले को हमेशा उठाते रहे हैं. इस बार के मामले को भी गंभीरता से देख रहे हैं. इससे पहले राजद प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा है कि देश में भाजपा की सरकार ने बेरोजगारी बढ़ाई है और इसका खामियाजा उसे इस बार के चुनाव में उठाना पड़ेगा. इस बार के चुनाव में भाजपा का जाना तय है, चाहे वो कोई भी पैंतरा करे.

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रेलवे में 11 हजार पद समाप्त होने के फैसले पर हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भी पीएम मोदी पर हमला बोला है. मांझी ने कहा है कि पीएम मोदी ने तो बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा किया था. देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और केंद्र की मोदी सरकार लोगों को नौकरी दे तो नहीं रही, लेकिन जो लोग नौकरी कर रहे उनकी नौकरी छीनने का काम कर रही है.

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