जेडीयू नेता संजय सिंह ने तेजस्वी को बताया भ्रष्टाचार की गंगोत्री, मेवालाल के मुद्दे पर बोला हमला

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : मेवालाल के मुद्दे पर तेजस्वी को बोलने का अधिकार नहीं है. यह कहना है जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह का. पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो खुद भ्रष्टाचार की गंगोत्री से निकला हो वो कैसे किसी दूसरों पर आरोप लगा सकता है.

संजय सिंह ने ‘चलनी दूसे सूप को’ की उपमा देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव का परिवार भ्रष्टाचार की गंगोत्री है. उनपर और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर कई तरह के आरोप है. कई मामले में ये लोग चार्जशीटेड है. ऐसे में ये लोग कैसे किसी को आरोपी ठहरा सकते हैं.



उन्होंने तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि जबतक वो सारे आरोपों से बरी नहीं हो जाते तब तक नेता प्रतिपक्ष का पद ग्रहण नहीं करें. हमारे नेता तो हरबार एक मिशाल पेश किया है. चाहे वो रेल मंत्री का काल हो या फिर बिहार में मुख्यमंत्री रहते हुए कभी भी नीतीश कुमार ने थ्री सी से समझौता नहीं किया है.  

उधर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि सीएम नीतीश ने सार्वजनिक जीवन में कभी भी थ्री सी से समझौता नहीं किया है. हमारे नेता ने हर बार मर्यादा का पालन किया है. उन्होंने कभी भी भ्रष्टाचार, अपराध और संप्रदायवाद से समझौता नहीं किया है. इसका उदाहरण उन्होंने केन्द्र सरकार में रहते हुए भी देने का काम किया, और राज्य की बागडोर जब से संभाला, उस समय से उदाहरण पेश करते रहे हैं.

अशोक चौधरी ने कहा कि हमने समय समय पर उदाहरण पेश किया. लेकिन जो सवाल उठा रहे हैं क्या वो भी उदाहरण पेश करेंगे. नेता प्रतिपक्ष का पद ग्रहण नहीं करेंगे. उनपर भी कई तरह का चार्ज है. कई मामले में उनपर भी आरोप है. ऐसे में उन्हें भी नैतिकता पेश करनी चाहिए.

इसके पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने मेवालाल चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस्ताफी देकर एक उदाहरण पेश किया है. मंत्री के इस्तीफे ने साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश राजनीतिक सुचिता और पवित्रता का बराबर ध्यान रखा है.

वशिष्ठ नारायण सिंह ने सीएम नीतीश की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सामने जब भी ऐसे मामले आए हैं, उन्होंने राजनीतिक पवित्रता का परिचय दिया है. लेकिन अब बारी तेजस्वी यादव की है. क्या वो भी नैतिकता का परिचय देंगे?. उनपर भी कई तरह के आरोप है.

तेजस्वी लंबे काल तक विपक्ष का नेता रहे हैं. लेकिन उन्होंने कभी भी उच्च मानदंड का ख्याल नहीं रखा. कभी राजनीतिक पवित्रता का परिचय नहीं दिया. क्या वो भी नैतिकता का परिचय देते हुए नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं ग्रहण करेंगे?. उनपर भी कई प्रकार के आरोप है. कई मामले अभी भी कोर्ट में लंबित है. ऐसे में उनको भी उच्च मानदंड निर्धारित करना चाहिए.

नीतीश कुमार की नीति जीरो टॉलरेंस की है. इसी आधार पर सरकार चलती रही है और आगे भी चलती रहेगी. हमने तो समय-समय पर उदाहरण पेश किए हैं. लेकिन जिन लोगों ने आरोप लगाया है उन्होंने कब-कब उदाहरण पेश करने का काम किया है, जरा बता दें.

जिनपर अनेकों आरोप हो वो दूसरों पर आरोप लगाने का अधिकारी नहीं हो सकता है. उनको कोई भी अधिकार नहीं है कि इस तरह का आरोप लगाने का. हमारी सरकार ना किसी को फंसती है और ना ही किसी को बचाती है.