सीएम नीतीश से नाखुश हैं JDU के ये वरिष्ठ नेता, कहा- बीजेपी हमेशा अपमानित ही करेगी

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फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन होने के कुछ ही महीने बाद से जदयू में अंतर्कलह शुरू हो गई है. बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और जदयू के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी खुल कर बगावती तेवर दिखाने लगे हैं. वे बिहार के सीएम और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से असंतुष्ट हैं. इस सिलसिले में उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में बड़ी बात कही है.  उदय नारायण चौधरी के अनुसार नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ गठबंधन करने के फैसले पर 29 पार्टी नेता सहमत थे लेकिन उन्होंने  और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसका विरोध किया था.

उदय नारायण चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार पर “दलित मुद्दों से ध्यान हटाने” का आरोप लगाते हुए आगाह किया है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उनके साथ “बदसलूकी” करती रहेगी. चौधरी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “एक साल पहले बिहार सरकार ने दलितों को मिलने वाली छात्रवृत्ति बंद कर दी और उसकी जगह ऋण योजना शुरू की. ये नाइंसाफी है. अगर अनुसूचित जाति के लिए छात्रवृत्ति न होती तो मैं आज यहां तक नहीं पहुंच पाता. 

हमने नीतीश कुमार के महादलित वोटों को तैयार करने में अहम भूमिका निभायी लेकिन अब नीतीश उनके साथ नहीं हैं. अब वो दलित कल्याण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. कुछ दलित कल्याण योजनाएं भ्रष्टाचार से घिरी हुई हैं. सतर्कता विभाग ने दो मौजूदा और दो पूर्व आईएएस अफसरों पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. इससे आप समझ सकते हैं कि मामला कितना गंभीर है.”

उदय नारायण चौधरी दो बार बिहार विधान सभा के अध्यक्ष रह चुके हैं. चौधरी से पूछा गया कि कहीं वो इसलिए तो नाराज नहीं कि नीतीश ने उन्हें मंत्री नहीं बनाया? इस पर चौधरी ने कहा, “मैंने कभी किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया मैं नीतियों की विफलता की बात कर रहा हूं. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एनआईआईटी में आरक्षण नीति बदलने पर कोई रुख नहीं अपनाया. अब दलित और ओबीसी छात्र केवल अपने वर्ग में ही प्रवेश पा सकेंगे. जबकि पहले उनमें से कुछ सामान्य वर्ग में चयनित हो जाते थे.”