लालू की चिट्ठी पर बोले जेडीयू नेता- जेल में दरबार लगाने से मन नहीं भरा तो चिट्ठी बाजी शुरू कर दी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: राष्ट्रीय जनता दल से इस्तीफा देने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक पत्र लिखा था. इस पत्र को लेकर अब बिहार की सियासत गरमा गयी है. बिहार सरकार में मंत्री और जेडीयू नेता नीरज कुमार ने इसको लेकर लालू यादव पर निशाना साधा है.

मंत्री नीरज कुमार ने एक बार फिर से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर करारा हमला बोला है. मंत्री नीरज कुमार ने ट्वीट कर लिखा है कि सजायाफ्ता लालू प्रसाद जेल में दरबार लगाने से मन नहीं भरा तो अब पुनः जेल मैनुअल की धारा 999 की धज्जी उड़ा दी, जोकि स्पष्ट कहता है कि कैदी द्वारा राजनीतिक पत्र व्यवहार नही किया जा सकता है फिर जेल अधीक्षक ने इसकी अनुमति कैसे दी ये गंभीर मामला है पर जान लें कानून के हाथ लंबे होते हैं.



रघुवंश बाबू ने एम्स में दिया इस्तीफा:
दिल्ली स्थित एम्स में इलाज करा रहे रघुवंश प्रसाद सिंह ने गुरुवार की सुबह लालू प्रसाद यादव को एक चिट्ठी लिख कर पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपने छोटे पत्र में लिखा, ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीठ पीछे खड़ा रहा, लेकिन अब नहीं. पार्टी के नेता, कार्यकर्ताओं और आमजन ने बड़ा स्नेह दिया, मुझे क्षमा करें.

लालू ने रघुवंश के नाम लिखी चिट्ठी:
रांची से रघुवंश प्रसाद सिंह को भेजी गई चिट्ठी में लालू प्रसाद यादव ने लिखा है, ‘प्रिय रघुवंश बाबू, आपके द्वारा कथित तौर पर लिखी एक चिट्ठी मीडिया में चलाई जा रही है. मुझे वो विश्वास ही नहीं होता. अभी मेरे और मेरे परिवार के साथ ही राजद परिवार भी आपको स्वस्थ होकर अपने बीच देखना चाहता है.’

लालू आगे लिखते हैं, ‘चार दशकों में हमने हर राजनीतिक, सामाजिक और यहां तक कि पारिवारिक में मिल बैठकर विचार किया है. आप जल्द स्वस्थ हों, फिर बैठ के बात करेंगे. आप कहीं नहीं जा रहे हैं. समझ लीजिए. आपका, लालू प्रसाद.’