‘भ्रष्टाचारी सजा पा चुका है अब विकास पुरुष ही दहाड़ेगा’

लाइव सिटीज डेस्क : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद होटवार जेल में बंद हैं. लेकिन बाहर बिहार की सियासत गरमाई हुई है. जदयू और राजद में खूब बयानबाजी चल रही है. राजद से लालू प्रसाद के बेटे व बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव मोर्चा संभाले हुए हैं. तो जदयू से भी जोरदार पलटवार करने में कोई नहीं चूक रहा है. इस बार जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने लालू प्रसाद पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने पूछा है कि कोई घोटालेबाज बिहार का लाल कैसे हो सकता है ?

मालूम हो कि तेजस्वी यादव ने आज गुरुवार को एक कविता ट्वीट किया था. इसमें उन्होंने इमरजेंसी के दौरान हुए देशव्यापी आंदोलन के अगुआ जयप्रकाश नारायण की धरती पर एक बार फिर ‘प्रकाश’ के ‘जय’ होने की बात कही है. यह भी कहा गया है कि ‘सिर्फ बोलेगा नहीं, शेर अब दहाड़ेगा.’ जिस पर संजय सिंह ने कड़ा पलटवार किया है. लालू पर Viral Poem : जय प्रकाश की भूमि पर फिर प्रकाश की जय होगी…



संजय सिंह ने कहा कि लिख देने भर से और कह देने भर से कोई घोटालेबाज बिहार का लाल कैसे हो सकता है ? एक सजायाफ्ता जो जेल में अपने सजा के इंतज़ार में है वो बिहार का लाल कैसे हो सकता है ? बिहार के गरीबों की गाढ़ी कमाई से अकूत सम्पति बनाने वाले बिहार के लाल कैसे हो सकते है ? क्या जयप्रकाश का नाम लिखने में हाथ थर्राया नहीं होगा  ? क्या लोकनायक जयप्रकाश के नाम के साथ घोटालेबाज लालू यादव का नाम लिखने में शर्म नहीं आई ? लालू यादव और उनका कुनबा सुन लें और समझ ले जयप्रकाश की भूमि पर सिर्फ सुशासन की जय होगी. भ्रष्टाचारी सजा पा चुका है. अब विकास पुरुष ही दहाड़ेगा.

जदयू प्रवक्ता संजय सिंह(फाइल फोटो)

संजय सिंह ने आगे कहा कि आरजेडी के नए तारणहार किस बात को लेकर न्याय की मांग कर रहे हैं. न्याय की मांग तो वो करता है जो बेकसूर हो. लेकिन लालू परिवार कही से भी बेकसूर नहीं है. क्या ये झूठ है कि चारा घोटाला नहीं हुआ ? क्या ये झूठ है कि सरकारी खजाने से पैसे नहीं निकाले गए ? क्या ये झूठ है कि मिट्टी घोटाला नहीं हुआ ? क्या ये झूठ है कि लालू यादव के पास आय से अधिक सम्पति नहीं है ? क्या ये झूठ है कि जिसे ईडी ने अटैच कर लिया वो मॉल तेजस्वी यादव का नहीं है ? मेरी तो राय है कि तेजस्वी यादव न्याय यात्रा नहीं पश्चाताप यात्रा करें तो बेहतर होगा. शायद साल के अंतिम 3 दिनों में  कुछ पाप कट जाए.

1990 से लेकर 2005 तक लालू परिवार ने बारी- बारी से बिहार की गरीब जनता को छला है. कभी अगड़ा-पिछड़ा करके,  तो कभी छूत -अछूत को लेकर, कभी दंगा करके,  तो कभी नरसंहार करा के,  हर बार बिहार की जनता को लालू यादव ने ठगा है. गरीबों को छलने वाले लालू यादव सलाखों से बाहर कभी नहीं आने वाले है. बिहार की जनता पूरी तरह से समझ गई है कि चारा खाने वाला घोटालेबाज़ अब अन्याय नहीं कर पायेगा. क्योकि लालू यादव के राजनीति का जब सूरज अस्त हो रहा है तो बिहार के माथे पर अपने अनपढ़ बेटों को थोपना चाहते है जिसे बिहार की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी.

संजय सिंह ने कहा कि  लालू यादव ने बिहार को बदनाम करके अपनी राजनीति को आगे बढ़ाया है. 90 के दशक में जब बिहार को विकास की सबसे ज्यादा दरकार थी तब लालू यादव ने बिहार को बदनाम करवाया. यहां अपहरण , लूट, ह्त्या , नरसंहार , फिरौती का माहौल बना के बिहार और बिहारियों को बदनाम किया. यहाँ ना तो किसी तरह का शिक्षण संस्थान खोले और ना ही कोई उद्योग धंधे लगवाएं. ऐसे हालात में लोग यहाँ से पलायन करने को मजबूर हो गए । 2005 के बाद श्री नीतीश कुमार ने बिहार का अपना वजूद लौटाया. बिहार के माथे का कलंक नीतीश कुमार ने धोया. आज बिहारी कहलाना अपमान नहीं सम्मान की बात हो गई है.