तेजस्वी के आरोप पर जेडीयू का पलटवार, प्रवक्ता राजीव रंजन ने कह दी बड़ी बात…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के एससी/एसटी परिवार के किसी सदस्य की हत्या होती है तो उसके आश्रितों को सरकार नौकरी दी जाएगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जैसे ही इसकी घोषणा की तो प्रदेश की सियासत में अचानक उछाल आ गया. तमाम विरोधी दल सरकार को घेरने में जुट गए. आरजेडी-कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार के इस घोषणा को चुनावी स्टंट करार दिया है.

विपक्ष के आरोप पर जेडीयू ने पलटवार किया है. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि आरोप लगाने वाले पहले अपने शासनकाल को भी याद कर ले. लालू-राबड़ी शासनकाल में बिहार से पलायन चरम पर था. लॉ एंड ऑर्डर फेल हो चुकी थी. जिस कारण यहां पर उद्योग धंधे पूरी तरह से चौपट हो चुके थे.



राजीव रंजन ने तेजस्वी के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुरू से ही दलित, अतिपिछड़ा और आदिवासियों के विकास का काम किया है. इस समाज को बल देने और मुख्यधारा में जोड़ने के लिए जब सरकार ने नौकरी देने का फैसला लिया तो विपक्ष को यह को यह बुरा लगने लगा. लेकिन इनकी परवाह किए वगैर नीतीश सरकार निरंतर इनके विकास को लेकर कार्य कर रही है.

बता दें कि दलितों की हत्या होने पर नौकरी देने के नीतीश सरकार के फैसले पर आरजेडी ने सवाल खड़े किए हैं. तेजस्वी ने कहा कि इस प्रकार की घोषणा दलितों को हत्या को प्रोमोशन करने वाला है. सरकार ऐसा क्यों नहीं उपाए करती है जिससे दलितों की हत्याएं ही ना हो.

तेजस्वी ने यह भी कहा कि सिर्फ दलितों की हत्या होने पर ही उनके आश्रितों को नौकरी क्यों ? सवर्ण, पिछड़ी जाति के हत्या पर उनके आश्रितों को नौकरी क्यों नहीं दी जाएगी. इस बात से साफ हो जाता है कि सरकार की यह घोषणा महज एक चुनावी स्टंट है. बिहार में बेरोजगारी चरम पर है. 46 फीसद बेरोजगारी के साथ देश में बिहार पहले पायदान पर है. सबसे ज्यादा 18-35 साल के उम्र के नौजवान बेरोजगार है, लेकिन उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर सरकारी की ओर से कोई उपाए नहीं किया जा रहा है.

उधर नीतीश सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने भी सवाल खड़े किए हैं. शक्ति सिंह गोहिल ने इसे चुनाव स्टंट करार देते हुए कहा कि कार्यकाल खत्म होने को आया तो जेडीयू को दलितों की याद आयी. अपनी नाव डोलता देख मुख्यमंत्री ने यह शगुफा फेंका है. लेकिन बिहार की धरती चाणक्य की धरती है. यहां के लोगों को सही गलत की परख है. इसबार इनके झांसे में नहीं आने वाली है.