‘बिहार के साथ राजनीतिक साजिश, दुनियाभर की तारीफ़ के बाद भी पटना की रैंकिंग 262 क्यों?’

पटना (नियाज आलम) : केंद्र सरकार की स्वच्छता रिपोर्ट-2017 पर बिहार की सत्ताधारी जनता दल (यू) ने सवालिया निशान लगा दिया है. रिपोर्ट में स्वच्छता के मामले में बिहार की स्थिति काफी खराब बताई गई है. उसके मुताबिक पटना 262वें जबकि बनारस को 36वां स्थान दिया गया है. इसी पर सवाल उठाते हुए जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि स्वच्छता रिपोर्ट-2017 निश्चित तौर पर गलत है.

संजय सिंह ने कहा कि ऐसा क्या हो गया कि पटना 72वें स्थान से अचानक 262वें स्थान पर पहुंच गया. प्रकाश पर्व में दुनियाभर के लोगों ने पटना की साफसफाई की तारीफ़ की है. स्पष्ट है कि  राजनीतिक फायदा उठाने के लिए यह रैंकिंग हुई  है. केंद्र सरकार बदले की भावना से काम कर रही है. वह राजधानी पटना को स्मार्ट सिटी नहीं बनने देना चाहती है.

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बनारस की रैंकिंग पर भी सवाल

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि उनको गंगा मैय्या ने बुलाया और वह बनारस पहुंच गए. लेकिन स्वच्छता के मामले में तो वह गंगा मैय्या से भी झूठ बोल रहे हैं. सफाई के मामले में बनारस की स्थिति किसी से छुपी नहीं है. फिर मोदी जी ने अपने संसदीय क्षेत्र में ऐसी कौन सी जादू की छड़ी घुमाई कि बनारस 200 से उपर स्थान से सीधे 36वें स्थान पर आ गया.

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प्रतीकात्मक फोटो

केंद्र से करेंगे बात

सिंह ने कहा कि भाजपा के लोग केवल बड़ी-बड़ी बोली की कमाई खा रहे हैं और देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं. जनता सही समय पर इसका जवाब देगी. संजय सिंह ने कहा कि यह केन्द्र सरकार की गैर भाजपा शासित प्रदेशों के खिलाफ साजिश है. खासतौर पर उन राज्यों में जहां चुनाव होने हैं. जदयू प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र बिहार के साथ बेदभाव न करे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार सरकार इस मामले में केन्द्र से पत्राचार के माध्यम से बात करेगी. स्वच्छ सर्वेंक्षण रिपोर्ट पर सूबे के नगर विकास मंत्री महेश्वर हजारी ने भी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बिहार सरकार के साथ साजिश की है. रैंकिंग में सिर्फ भाजपा शासित राज्यों को ही स्वच्छ बताया गया है.

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रैंकिंग में MP, गुजरात के शहर हैं बेहतर

बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से देश के 434 शहरों एवं नगरों में कराये गए स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद गुरुवार को स्वच्छ भारत रैंकिंग जारी की गई है. स्वच्छता सर्वेक्षण में बिहार के शहरों की स्थिति बेहद खराब है. 434 शहरों की सूची में टॉप 250 में बिहार का सिर्फ एक शहर बिहारशरीफ शामिल है. जबकि राजधानी पटना 262वें पायदान पर हैं. इस सूची में बिहार का कोई भी शहर पहले 100में स्थान बनाने में नाकाम रहा है. देश के 10 सबसे गंदे शहरों में बिहार के दो शहर, बगहा तीसरे (432वां) और कटिहार पांचवें (430वां) स्थान पर है. स्वच्छ भारत की रेस में इंदौर नंबर एक जबकि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल नंबर दो पर है. वहीं गुजरात के शहरों की रैंकिंग भी अच्छी रही है.

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