जेडीयू ने लालू को लिखी चिट्ठी, कैदी नंबर 3351 से किया संबोधित, तेजस्वी को बताया असत्य का राजकुमार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व जेडीयू विधानपार्षद नीरज कुमार ने अपने ही अंदाज में एकबार फिर लालू एंड फैंमिली पर हमला बोला है. उन्होंने लालू यादव को चिट्ठी लिखी है, जिसमें कैदी नंबर 3351 से लालू यादव को संबोधित किया है. नीरज कुमार ने जेल अधीक्षक के द्वारा लालू यादव को चिट्ठी भेजा है.

नीरज कुमार ने लिखा है कि जेल मैन्युअल की धारा 998 के तहत किसी कैदी को सामान्य तौर पर 15 दिन में एक पत्र लिखने अथवा भेजने का अधिकार प्राप्त है और विशेष स्थिति में जेल अधीक्षक को उस नियम को शिथिल करने का भी अधिकार है. हालांकि जेल मैन्युअल की धारा 999 के तहत आपको पत्र में राजनैतिक बात लिखने का अधिकार नहीं है.



नीरज कुमार ने आगे लिखा कि आप राजद पार्टी जो होटवार इंजन से संचालित करते हैं, अनुभव एवं वरीयता को दरकिनार कर तेजस्वी फोबिया को थोपने के मुख्य कर्त्ता-धर्ता हैं. ऐसे में आप से उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में ही तेजस्वी फोबिया को पार्टी पर थोपा गया है.

उन्होंने पत्र का माध्यम से लालू से सवाल पूछा है कि क्या यह सही है कि दफा 420 सहित दर्जन भर मामलों के आरोपी आपके चार्जशीटेड पुत्र तेजस्वी यादव ने 5 दिसम्बर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित बापू की प्रतिमा के सामने महागठबंधन के विधायकों के साथ कृषि कानून के विरोध का संकल्प लिया था?

क्या 5.12.2020 को गांधी जी की प्रतिमा के सामने संकल्प लेते समय आपके पुत्र ने दिनांक 8.12.2020 को भी संकल्प दोहराने की बात कही थी. लेकिन,आपके पुत्र तेजस्वी ने सत्य और अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता गांधी के मूल्यों, और आदर्शों का अपमान करते हुए असत्य क्यों बोला, क्योंकि 8.12.2020 को तेजस्वी यादव भारत बंद के दौरान बिहार से विलुप्त दिखे.

आगे लिखा कि आपके चार्जशीटेड 420 पुत्र ने जनता के अलावा अपने नेतृत्व में सकल्प लेने वाले माहगठबंधन के विधायकों के साथ जो असत्य बोला क्या आप उससे प्रफुल्लित है. इसके पूर्व भी जब बिहार में बाढ़ और कोरोना की आपदा सहित कुछ अन्य अवसरों पर तेजस्वी यादव गायब दिखे. क्या जनता के साथ आपकी पार्टी के नेता और महागठबंधन के विधायकों के साथ लगातार असत्य बोलेन वाले तेजस्वी यादव आपसे और परिवार के दूसरे सदस्यों से भी ऐसे ही असत्य बोलकर निकल जाते हैं?