जेडीयू के हरिवंश ने उपसभापति के लिए भरा पर्चा, रामविलास पासवान और नड्डा बने प्रस्तावक

लाइव सिटीज, प्रिंट डेस्क : बिहार की सियासत इन दिनों जदयू व लोजपा की तकरार से गर्म है. इसी बीच सियासत का एक और रंग सामने आया. जब जदयू के  राज्यसभा सांसद हरिवंश एक बार फिर राज्यसभा के उपसभापति बनेंगे. एनडीए उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने अपना नामांकन किया है.

दिलचस्प बात यह है कि उनके नाम का समर्थन लोजपा नेता रामविलास पासवान ने भी किया है. जेपी नड्डा और रामविलास पासवान प्रस्तावक बने है. हरिवंश ने राज्यसभा के नेता थावरचंद गहलोत और राजग के सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल के नेता नरेश गुजराल की मौजूदगी में नामांकन पत्र दायर किया. संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होगा और 1 अक्तूबर तक चलेगा. राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव संसद सत्र के पहले दिन होने की संभावना है.



एक ओर जहां बिहार की सियासत में जेडीयू और लोजपा दोनों आमने सामने हैं. वहीं इस मामले में लोजपा के समर्थन के क्या मायने हैं. इस दिलचस्प राजनीति ने जनता के सामने कई सवाल छोड़ दिये हैं. क्या टिकट बंटवारे में लोजपा जदयू के बीच बवाल महज एक दिखावा है. ऐसे कई सवाल हैं. जो उठने लाजिमी हैं. लोजपा अपनी ताकत शायद इस वजह से तो नहीं दिखा रही ताकि उनके कार्यकर्ता जोश में आयें. चिराग कहीं अधिक सीट लेने के लिए तो ऐसा  नहीं कर रहे हैं.

बता दें कि हरिवंश अगस्त 2018 में पहली बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गये थे. एनडीए उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को हराया था. हरिवंश को 125 वोट मिले थे जबकि बीके हरिप्रसाद को 105 वोट मिले थे. हरिवंश पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार भी रह चुके हैं। 2014 में वे बिहार से राज्यसभा के लिए चुने गये थे.