तेजस्वी, रघुवंश और शिवानंद को राहत, CBI कोर्ट के नोटिस पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक

लाइव सिटीज डेस्क : झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी खबर मिल रही है. CBI कोर्ट से राजद के कई नेताओं को जारी किये गए नोटिस पर झारखंड हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया है. मालूम हो कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को जब चारा घोटाला में सजा सुनाई गई थी तो उस वक्त राजद के कई नेताओं ने सीबीआई कोर्ट पर टिप्पणी की थी. जिससे नाराज सीबीआई जज ने इन सभी नेताओं को अवमानना का नोटिस भेज दिया था. इस नोटिस पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई बड़े नेताओं ने आपत्ति जताते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका डाली थी. जिस पर आज सुनवाई की गई.
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट द्वारा इन नेताओं पर जारी किये गए नोटिस पर रोक लगा दिया है. साथ ही इस मामले में अगली सुनवाई 9 मार्च को की जाएगी. इसके अलावा हाईकोर्ट ने CBI जज से जवाब भी माँगा है. बता दें कि इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने तेजस्वी यादव, शिवानंद तिवारी, रघुवंश प्रसाद सिंह, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी को नोटिस जारी किया था. लालू प्रसाद की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई आज, CBI कोर्ट के फैसले को दी है चुनौती

लेकिन उससे भी बड़ी खबर देवघर कोषागार मामले को लेकर है. इस मामले में जेल में बंद लालू प्रसाद ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका डाली है. याचिका झारखंड हाईकोर्ट में डाली गई है. जिस पर आज सुनवाई शुरू हो गई है. बता दें कि इससे पहले 19 जनवरी को ही इस चुनौती पर सुनवाई होनी थी. लेकिन लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी गई थी. देवघर कोषागार मामले में दोषी करार दिये गये लालू प्रसाद की याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी. उनका मामला जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में लिस्टेड था. लेकिन जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के छुट्टी पर चले जाने की वजह से इस मामले पर सुनवाई टल गई थी.
हाईकोर्ट में सुनवाई टलने के बाद लालू प्रसाद के वकील प्रभात कुमार ने बताया था कि माननीय न्यायाधीश के अवकाश की वजह से राजद सुप्रीमो की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी. सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद को सुनायी गयी साढ़े तीन साल जेल और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा के खिलाफ राजद सुप्रीमो ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील की थी.

गौरतलब हो कि 23 दिसंबर 2017 को देवघर कोषागार से निकासी के मामले में लालू समेत 16 को दोषी करार दिया गया था. उसी समय से लालू प्रसाद जेल में बंद हैं. नियमित सुनवाई के लिए सीबीआई की विशेष अदालत में लगभग हर दिन हाजिरी लगा रहे हैं. वहीं 24 जनवरी को चारा घोटाला के एक अन्य मामले में भी लालू प्रसाद को 5 साल की सजा सुनाई गई थी. देवघर मामले में बरी हुए जगन्नाथ मिश्र को भी इस केस में दोषी पाया गया था. उन्हें भी 5 साल की सजा सुनाई गई.