किसान चाची से मिलेंगे जेपी नड्डा, 12 सितंबर को मुजफ्फरपुर जाकर उनके घर पर करेंगे मुलाकात

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : 12 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार के किसान चाची से मिलेंगे. किसान चाची से मिलने जेपी नड्डा मुजफ्फरपुर के आनंदपुर गांव जाएंगे जहां किसान चाची का घर हैं. इतना ही नहीं जेपी नड्डा किसान चाची से मिलकर उनके कृषि से जुड़े अनुभव को सुनेंगे. इस दौरान 50 अन्य महिला किसान भी मौजूद रहेंगी.

65 साल की किसान चाची की गिनती देश के उन महिला कृषकों में होती है, जिसने अपनी लगन से न सिर्फ अपने बल्कि अपने जैसी हजारों महिलाओँ का जीवन बदल दिया. किसान चाची ने सफलता का यह मुकाम वर्षों के संघर्ष से पाया है.



उनके बारे में जानने वालों की माने तो एक वक्त था जब उनके घर में दो वक्त की रोटी मुश्किल से जुटती थी. तब लोग उन्हें राजकुमारी देवी के रूप में जानते थे. माली हालात को ठीक करने के लिए उन्होंने खुद खेती करना शुरू किया. इसके साथ ही अचार बनाने लगीं.

राजकुमारी देवी साइकिल से अचार बेचने बाजार जाने लगीं, इस दौरान उन्हें समाज के दुश्वारियों का सामना करना पड़ा. इन सब बाधाओं से राजकुमारी नहीं डरीं और एक कृषक व कारोबारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई. बाद में जो लोग पहले ताने देते थे वे सम्मान की नजर से देखने लगे.

किसान चाची की शादी 1974 में हुई थी. लंबे समय तक संतान नहीं हुई तो ससुराल में ताने सहे. 1983 में बेटी पैदा हुई, तब भी ताने ही मिले. ससुरालवालों ने उन्हें घर से अलग कर दिया. वह पति के साथ खेती करने लगीं. उन्होंने खेती के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए. सब्जी की खेती की, लेकिन बाजार में सही कीमत नहीं मिलती थी. यह देख उन्होंने खेती के साथ अचार-मुरब्बा बनाना भी शुरू कर दिया.

2003 में किसान मेले में उनके उत्पाद को पुरस्कार मिला. 2006 में किसान श्री सम्मान मिला. यहीं से राजकुमारी देवी किसान चाची बन गयी. वाइब्रेंट गुजरात-2013 में आमंत्रित की गईं. तब मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी ने उनका फूड प्रोसेसिंग मॉडल सरकारी वेबसाइट पर डाला. 2015 और 2016 में अमिताभ बच्चन ने केबीसी में बुलाया था.अब वह साइकिल के बजाए स्कूटी से चलती हैं. उनके प्रोडक्ट विदेशों में निर्यात होते हैं.