सरकार के मौखिक आश्वासन को नहीं माने जूनियर डॉक्टर, स्वास्थ्य मंत्री के साथ वार्ता विफल, हड़ताल जारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:  जूनियर डॉक्टरों और सरकार के बीच वार्ता विफल हो गयी. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के आवास पर आयोजित बैठक में मौखिल आश्वासन मिलने के बावजूद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल नहीं तोड़ा. इनकी माने तो जबतक सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा तबतक हड़ताल जारी रहेगा.

जूनियर डॉक्टर अपनी जिद पर अड़े रहे और बिना लिखित आश्वासन के काम पर लौटने से साफ मना कर दिया है.  मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के आवास पर जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों की बात प्रधान सचिव से फोन पर हुई. जिसमें प्रधान सचिव ने डॉक्टरों से काम पर लौटने का आग्रह किया. साथ ही इनकी मागों को जल्द ही मान लेने का आश्वासन दिया. लेकिन जूनियर डॉक्टर मौखिक नहीं लिखित आश्वासन की मांग करते रहे.



वार्ता के दौरान पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ बिमल कारक और प्राचार्य डॉ बीपी चौधरी भी मौजूद थे. आईएमए अध्यक्ष के रूप में  डॉ बिमल कारक ने भी जूनियर डॉक्टरों की लड़ाई में  उनका साथ देने का भरोसा दिया. साथ ही यह भी लिखित आश्वासन देने को तैयार हुए कि अगले एक महीने में उनके स्टाइपेंड पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आइएमए उनकी लड़ाई लड़ेगा. बावजूद इसके जूनियर डॉक्टर हड़ताल तोड़ने पर राजी नहीं हुए.

बता दें कि पिछले सात दिनों से जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है. इनके हड़ताल से अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. मरीजों का हाल बेहाल है. कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं.

आज ही डिप्टी सीएम रेणु देवी ने कहा कि सरकार अपनी तरफ से सारे प्रयास कर चुकी है. अब जूनियर डॉक्टरों की बारी है. कोरोना काल में इस तरह के स्ट्राइक का कोई औचित्य ही नहीं बनता है.