जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट में डाली याचिका, कहा- रद्द हो आदेश

लाइव सिटीज डेस्क : सुप्रीम कोर्ट से 6 महीने जेल की सजा मिलते ही गायब हुए जस्टिस कर्णन अभी तक सामने तो नहीं आए लेकिन उनके हस्ताक्षर युक्त एक याचिका  जरूर सुप्रीम कोर्ट में भेजी गई है. जस्टिस सीएस कर्णन ने अपने लेटर में कोर्ट के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है. उन्होंने कहा है कि यह आदेश अवैध है इसे वापस लें. 

वहीं मिल रही जानकारी के अनुसार जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा है कि कोर्ट अपने फैसले पर पुनर्विचार करे. इसके लिए उन्होंने याचिका भी दायर की है. जस्टिस कर्णन द्वारा हस्ताक्षरित पेटिशन मिलने पर जेएस खेहर ने कहा कि हम उनकी याचिका पर विचार करेंगे.



साथ ही जस्टिस कर्णन के वकील के रूप में याचिका ले कर पहुंचे काउंसेल नेथाम्परा से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आपके पास क्या प्रूफ है कि आप उनके वकील हैं. उन्होंने कहा कि उनका औथोराईजेशन लेटर और वकालतनामा जिस पर कर्णन का हस्ताक्षर भी है. इससे साफ़ है कि वो उनके वकील हैं. 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की संविधान पीठ ने मंगलवार (9 मई) को कलकत्ता हाई कोर्ट के जज को अदालत की अवमानना ​​का दोषी ठहराया था और उन्हें छह महीने की सजा सुनाई. साथ ही जस्टिस सीएस कर्णन को तुरंत हिरासत में लेने का आदेश दिया था. यह पहला मौका है, जब किसी सिटिंग जज को अवमानना मामले में ऐसी सजा दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को तत्काल जेल भेजने का आदेश दिया है. कर्णन जून में रिटायर हो रहे हैं.

इधर, सुप्रीम कोर्ट से 6 महीने जेल की सजा मिलते ही जस्टिस कर्णन फरार हो चुके हैं. कोलकाता पुलिस अंदेशा लगा रही थी  कि जस्टिस कर्णन भारत ही छोड़ चुके हैं. सूत्रों की माने तो 11 मई की सुबह ही कर्णन भारतीय सीमा को क्रॉस कर किसी दूसरे देश में प्रवेश कर चुके हैं. जस्टिस कर्णन के विश्वसनीय और उनके कानूनी सलाहकार डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार ने दावा किया कि कर्णन गिरफ़्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं और हो सकता है कि वे देश छोड़ चुके हैं. रमेश कुमार के मुताबिक कर्णन भारत वापस तभी आ सकते हैं जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मिलने के लिए उन्हें वक्त दें. सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के आरोप में मंगलवार (9 मई) को जस्टिस कर्णन को 6 महीने की सजा सुनाई है. 

राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए अपॉइंटमेंट मिलने तक कर्णन सरेंडर नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सिर्फ ऑपरेटिव पार्ट ही उपलब्ध है. जब तक उन्हें फैसले की पूरी कॉपी नहीं मिल जाती है वो सजा का विश्लेषण नहीं कर पाएंगे.

10 मई की शाम को कोलकाता पुलिस की 5 सदस्यीय टीम जस्टिस कर्णन की खोज में कलाहस्ती पहुंची थी. आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में मौजूद कलाहस्ती शहर मंदिरों के लिए विख्यात है. कलाहस्ती में जस्टिस कर्णन की खोज में आंध्र पुलिस ने भी कोलकाता पुलिस की सहायता की लेकिन सभी कोशिशें नाकाम रही.

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