कैमूर के दारोगा की कोरोना से मौत, शव दफनाने को लेकर हंगामा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कैमूर के दारोगा की कोरोना से मौत हो गयी है. बताया जा रहा है कि दारोगा बाबू भभुआ थाना में पदस्थापित थे और मोहनिया स्थित उनके घर पर उनकी मौत हुई है. उन्हें सांस लेने में परेशानी थी और सर्दी बुखार की शिकायत थी. जिसके बाद उनके बेटे द्वारा अनुमंडल अस्पताल मोहनिया में कोरोना जांच कराया गया था, तीन दिन पहले इनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. और इनका इलाज चल रहा था, लेकिन यह बच नहीं पाए.

भले ही दारोगा साहब ने कोरोना काल में जी जान लगाकर ड्यूटी की हो, लेकिन उनके मरने पर उन्हें दो गज जमीन नसीब में नहीं मिला की उनके शव दफनाया जा सके.



जब स्वास्थ्य कर्मी दारोगा का शव दफनाने मोहनिया प्रखंड के रतवारा नदी पर पहुंचे तब उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. ग्रामीण हाथों में लाठी डंडे लेकर नदी के पास शव दफनाने से मना करने लगे. दो घंटा के कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मी को शव के साथ खदेड़ दिया.

मृतक दारोगा के बेटे बताते हैं कि कोरोना काल में मेरे पापा ने बहुत ज्यादा सेवा किया, लेकिन उनके मरने के बाद मेरे ही शहर के ग्रामीणों द्वारा उनको दफनाने नहीं दिया जा रहा है. मैं भी विकलांग हूं काफी परेशानी हो रही है. मोहनिया के सर्किल इंस्पेक्टर बताते हैं ग्रामीण विरोध कर रहे हैं.