कंगना रनौत को मिला चिराग का साथ, कहा- देशभक्त के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं, उत्तर भारतीय आगे आएं

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मुंबई में कंगना रनौत के दफ्तर पर बीएमसी की हो रही कार्रवाई को हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. बम्बई हाईकोर्ट ने कंगना की ओर से दायर पिटिशन पर सुनवाई करते हुए तत्काल बीएमसी को कार्रवाई रोकने का आदेश दिया है. आदेश मिलते ही बीएमसी ने तोड़ने की कार्रवाई को रोक दिया है.

मुंबई के बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड स्थित कंगना रनौत के दफ्तर पर बीएमसी ने हथौड़ा चलाया तो पटना की जमीन से विरोध का स्वर गूंज उठा. पटना में जस्टिस फॉर सुशांत के सदस्यों ने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान समर्थकों ने बीएमसी की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कंगना रनौत के साथ इंसाफ करने की मांग की.  



कंगना रनौत मामले में महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई का उनके ही सहयोगी दल ने विरोध किया है. एनसीपी चीफ शरद पवार ने कंगना रनौत के खिलाफ बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए इस प्रकार का एक्शन गैरजरूरी है. एनसीपी चीफ के विरोध से यह मामला पूरी तरह से रोचक हो चुका है.

जस्टिस फॉर सुशांत के सदस्य

इधर कंगना के समर्थन में लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान उतर आए हैं. उन्होंने मुंबई में रह रहे उत्तर भारतीयों से अपील करते हुए कहा हैं कि आप लोग कंगना का समर्थन करें. इस प्रकार की कार्रवाई को कहीं से भी उचित ठहराया नहीं जा सकता है. देश भक्तों के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.

बता दें कि एक्ट्रेस कंगना रनौत का बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड पर स्थित आलीशान दफ्तर पर बीएमसी का हथौड़ा चला. बीएमसी ने इस दफ्तर पर बुलडोजर चला दिया है. एक्ट्रेस खुद सोशल मीडिया पर अपने टूटे-फूटे ऑफिस की तस्वीरें शेयर की हैं.

कंगना रनौत मुंबई पहुंच गयी है. शिवसेना और कंगना रनौत के बीच विवाद चल रहा है. कंगना ने मुंबई की तुलना पीओके से की थी. जिसके बाद से शिवसेना और कंगना में जुबानी तीर जारी है. दफ्तर तोड़े जाने पर कंगना ट्वीट कर लिखा कि बाबर आ गया है, लेकिन चिंता की बात नहीं फिर से राम मंदिर बनेगा.