लोजपा से केशव सिंह की हुई छुट्टी, चिराग पासवान ने दिखाया बाहर का रास्ता, बड़ी टूट का किया था दावा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जनवरी के तीसरे हफ्ते में लोजपा के टूट जाने का दावा करने वाले प्रदेश महासचिव केशव सिंह को चिराग पासवान ने पार्टी से निकाल दिया. मीडिया में खबर आने के बाद पार्टी अध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई कर दी. लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देशानुसार लोजपा प्रदेश के अध्यक्ष प्रिंस राज ने पार्टी विरोधी कार्य में संलिप्त होने तथा अनुशासनहीनता के कारण लोजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव केशव सिंह को  तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया.

वहीं सांसद पशुपति कुमार पारस ने कहा कि लोकजनशक्ति पार्टी के सभी सांसद पार्टी के राष्ट्रीय अधियक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व में एक जुट है. पार्टी में कहि से भी किसी प्रकार का मतभेद नही है. कुछ पार्टी विरोधी तत्वो के द्वारा पार्टी सांसदों एवं पार्टी के टूट की भ्रामक खबर फैलाया जा रहा है. पारस ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव बिहार में अकेले लड़ने का फैसला पार्टी के सभी सांसदों के राय से लिया गया फैसला था, और पार्टी ने विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन किया है . पार्टी का जनाधार बिहार में बढ़ा है. लोक जनशक्ति पार्टी का हरेक कार्यकर्ता नेता एवं सांसद विधायक सभी लोग चिराग पासवान के द्वारा आगे भी लिए जाने वाला हर फैसलो के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी.



बता दें कि केशव सिंह ने अपने फेसबुक अकॉउंट पर दावा किया था कि जनवरी में लोजपा के चार सांसद अलग पार्टी बनाएंगे, जिसका नाम लोजपा (रामविलास पासवान गुट) होगा. उन्होंने लोजपा के 30 जिलाध्यक्ष और केंद्रीय व प्रदेश कमेटी के कई नेताओं के लोजपा के नये गुट में शामिल होने का भी दावा किया था. इतना ही नहीं केशव ने कहा है कि अगर वो मुंह खोलेंगे तो कई चेहरे बेउर जेल में नजर आएंगे.

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में लोजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था. पूरे चुनाव तक नीतीश कुमार का विरोध करने वाले चिराग केवल बेगूसराय में एक सीट पर ही लोजपा को जिता पाए थे. चुनाव में मिली करारी हार के बाद लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने बुधवार को पटना में लोजपा कार्यालय में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की थी. इसमें मेन विंग के साथ ही सभी प्रकोष्ठ को भी भंग कर दिया था. चिराग ने कहा था कि दो महीने के अंदर सभी नई कमेटियों का गठन किया जाएगा.