कोरोना मरीजों के लिए फ़रिश्ता साबित हो रहे एडवांटेज ग्रुप के संस्थापक खुर्शीद अहमद, ऑक्सीजन मैन की निभा रहे भूमिका

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:  एडवांटेज गु्रप के सीईओ खुर्शीद अहमद कोरोना से पीड़ित मरीजों के लिए फरिश्ता साबित हो रहे हैं. इन्होंने सिर्फ एक पखवाड़े में पटना और दरभंगा के विभिन्न अस्पतालों को समय पर ऑक्सीजन मुहैया करा कर तीन दर्जन मरीजों की जान बचाई है. अभी भी देर रात तक खुर्शीद अहमत का फोन घनघनाता रहता है. लोग पटना से ही नहीं बल्कि दिल्ली, मुंबई, भोपाल, कोलकाता, गुवाहाटी, ऑस्ट्रेलिया, कतर, दुबई, यूएसए आदि से फोन करते हैं. ये लोग कोरोना संक्रमित हो चुके अपने रिश्तेदारों के लिए मेडिकल मदद मांगते हैं. अहमद भी दिन रात अस्पताल, जिला प्रशासन और सरकार के हुक्मरानों के साथ मिलकर लोगों को अस्पतालों में भर्ती करवा रहे हैं.

मध्य रात्रि को आया फोन, बचा लीजिए मरीजों की जान

मध्य रात्रि को अचानक खुर्शीद अहमद का फोन घनघनाया. उधर से एशियन हॉस्पिटल (पाटलिपुत्र कॉलोनी) के जीएम राजीव रंजन की आवाज आई, ‘मरीजों की जान बचा लिजिए, सुबह सात बजे तक का ही ऑक्सीजन बचा है. यदि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिला तो कोविड मरीज तड़प कर मर जाएंगे. किसी तरह ऑक्सीजन का इंतजाम कर दीजिए या पारस अस्पताल में वेंटिलेटर की व्यवस्था करवा दीजिए.’ खुर्शीद अहमद ने रातों रात स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और पटना की डीडीसी ऋचि पांडेय की मदद से मुजफ्फरपुर से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया. ऑक्सीजन समाप्त होने के सिर्फ पांच मिनट पहले नया सिलेंडर लगा और इस तरह सात मरीजों की जान बच गई. मतलब मौत और जीवन के बीच सिर्फ पांच मिनट का फासला रह गया था. 

दरभंगा के पारस में भर्ती 26 लोगों की बचाई जान

इसी तरह दरभंगा स्थित पारस ग्लोबल अस्पताल से खुर्शीद अहमद को रात 10 बजे फोन आया कि यहां ऑक्सीजन खत्म हो रहा है. जल्द कुछ व्यवस्था करवा दीजिए नहीं तो कोरोना के भर्ती मरीज मर जाएंगे. अहमद सुबह तीन बजे तक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, पटना की डीडीसी ऋचि पांडेय, पारस एचएमआरआई(पटना) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. तलत हलीम और पारस ग्लोबल के यूनिट हेड मनोज कुमार के बीच फोन पर ही संयोजन कर अस्पताल को समय से 40 ऑक्सीजन का सिलेंडर मुहैया कराया और इस तरह वहां भी भर्ती 26 मरीजों की जान बच गई. 

सब जगह से हुए निराश तो खुर्शीद ने करवाया भर्ती

आयकर विभाग के एक अधिकारी की बुजुर्ग मां (81 वर्ष) की हालत नाजुक हो रही थी. धड़कनें धीमी हो रही थी. उन्हें पेसमेकर की आवश्यकता थी. लेकिन कोरोना की वजह से अस्पताल भर्ती नहीं ले रहा था. दो बार एंबुलेंस अस्पताल पहुंच कर वापस आ गया. अंत में अधिकारी ने खुर्शीद अहमद को फोन किया और अपनी मां को बचाने की गुहार लगाई. खुर्शीद अहमद ने पारस एचएमआरआई के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निशांत त्रिपाठी से बात की. उन्हें आश्वस्त किया कि कोरोना मरीज नहीं है. फिर उन्हें भर्ती लिया गया और अगले दिन सुबह में पेसमेकर लगाया गया.

शासन और प्रशासन की नजर में लाया ऑक्सीजन का मामला

मीडिया में लगातार ऑक्सीजन की कमी का मामला उठ रहा है. इससे प्रशासन को कमी जानने का मौका मिल रहा है और लोगों को मदद मिल पा रही है. इसका श्रेय खुर्शीद अहमद को जाता है. अस्पतालों के लगातार ऑक्सीजन की कमी से जूझने की बात सामने आने पर खुर्शीद अहमद ने विभिन्न अखबारों और न्यूज चैनलों के संपादक से बात की और उनसे ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा उठाने की गुजारिश की. इसका नतीजा हुआ कि मीडिया में यह समस्या आई और प्रशासन व शासन ने इसको दूर करने का प्रयास शुरू किया.

शुरू करेंगे फ्री एंबुलेंस सेवा, अस्पताल भी करेंगे संचालित

एडवांटेज ग्रुप का सीएसआर विंग एडवांटेज सपोर्ट पटना में मुफ्त का एंबुलेंस सेवा शुरू करेगा. ग्रुप के संस्थापक व सीईओ खुर्शीद अहमद ने बताया कि एंबुलेंस के लिए आर्डर दे दिया गया है. तीन से छह माह में यह सेवा शुरू हो जाएगी. हम लोग टोल फ्री नंबर जारी करेंगे. कोई भी उस नंबर पर फोन कर के एंबुलेंस की सेवा ले सकेगा. यही नहीं, मरीज के साथ जो अटेंडेंट होंगे, उसके खाने की व्यवस्था भी कंपनी ही करेगी. उन्होंने बताया कि वो अपने एक मित्र के साथ मिलकर 300 बेड का अस्पताल बनाएंगे ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके. अपने द्वारा किए जा रहे नेक काम के बारे खुर्शीद अहमद कहते हैं कि भगवान ने आपको जो भी सलाहियत दी है, उसको आगे बढ़कर बांटना चाहिए.