चरम पर तीसरे चरण का चुनाव प्रचार, कटिहार के कदवा में कुशवाहा ने सभा कर जीडीएसएफ प्रत्याशी के लिए मांगा वोट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : कटिहार के कदवा में रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने चुनावी सभा की. इस मौके पर उन्होंने जीडीएसएफ समर्थित प्रत्याशियों को जिताने की लोगों से अपील की. कुशवाहा ने कदवा की जनता से कहा कि 15-15 साल दोनों भाईयों को आपने मौका दिया, लेकिन दोनों ने आपके लिए कुछ नहीं किया.

अगर मेरी सरकार बनती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की व्यवस्था की जाएगी. प्रदेश के लोगों को रोजगार के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. गरीब के बच्चों के पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा. अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा.



कुशवाहा ने कहा कि पहले जिनको 15 साल काम करने का मौका मिला उन्होंने बिहार का विकास करने के बजाए अपने परिवार का विकास करने का काम किया. उन्होंने चरवाहा विद्यालय खोला. शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दी गयी. लेकिन बाद वाले को भी 15 साल विकास करने का मौका मिला उन्होंने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की कोशिश नहीं की.

उन्होंने कहा कि आज भी गरीब के बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती है. अमीर के बच्चे पैसे की बदौलत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ लेता है. उनके बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, आईपीएस और आईएएस बन जाते हैं. लेकिन गरीब के बच्चों को सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती है. इसलिए वो अधिकारी नहीं बन पाते है.

बिहार के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था खस्ता होने की बात करते  हुए कुशवाहा ने कहा कि पैसों की बदौलत अमीर लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा लेते हैं, लेकिन गरीबों के लिए सरकार अस्पताल ही एक सहारा है. बिहार के सरकारी अस्पताल में ना तो सुई है ना दवाई की व्यवस्था है. ऐसे में गरीब लोग दर दर भटकते रहते है.

कुशवाह ने बड़े और मंझले भाई पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ने जिनका वोट लिया उसका भी  भला नहीं किया. 15-15 साल दोनों भाईयों को आप लोगों ने दिया, अब इस छोटे भाई उपेन्द्र कुशवाहा की बारी है. मैं आपसे वादा करता हूं कि 15-15 साल में जो काम दोनों भाईयों ने नहीं किया मैं 15 महीने में करके दिखाऊंगा.

हम समाज के हर वर्ग के लोगों को राजनीति में हिस्सेदारी दी जाएगी. एक अणे मार्ग में अकेले उपेन्द्र कुशवाहा ने रहेगा बल्कि उसमें चार-चार उपमुख्यमंत्री भी रहेंगे. एक दलित से, एक अल्पसंख्यक से, एक अतिपिछड़ा से और एक उपमुख्यमंत्री अगड़ी जाति से होगा. इन चार उपमुख्यमंत्री में से एक महिला होगी. समाज के हर वर्ग के लोगों को उनकी हिस्सेदारी दी जाएगी. दवाई, कमाई और पढ़ाई की व्यवस्था बिहार में की जाएगी. यहां के लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा.