बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई, एंबुलेंस नहीं मिला तो ऑटो में हुआ प्रसव

बक्सर (शशांक सिंह): बिहार में इन दिनों सरकारी अस्पतालों के कुप्रबंधन की खबर चरम पर है. आये दिन खराब व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ जाती है. कभी डेड बॉडी को एम्बुलेंस नहीं मिल पाने के कारण पीठ पर बांध कर ले जाने की खबर चर्चा में रही थी. तो कभी बांस के बल्ले में बांध कर ले जाने की खबर. अब इस बीच नया मामला बक्सर से है. जहां एंबुलेंस नहीं मिलने पर ऑटो में ही एक महिला का प्रसव हो गया.

प्रसव के बाद महिला को सदर अस्पताल में एडमिट कराया जा सका. जहां जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं. मिली जानकारी के अनुसार सिमरी थाना क्षेत्र के मझवारी गांव निवासी उपेंद्र यादव ने अपनी पत्नी अंतिमा यादव को प्रसव पीड़ा होने के कारण दो दिन पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया था.

जहां उसका इलाज चल रहा था. देर रात उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुआ जिसके बाद परिजन बिना बताये महिला को निजी नर्सिंग होम में जाने लगे. इस दौरान परिजनों ने एंबुलेंस की खोज की तो एंबुलेस नहीं मिला. जिसके बाद महिला को ऑटो में बैठाकर सदर अस्पताल से ले जाने लगे. इसी दौरान महिला का प्रसव हो गया. जिसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया.

बता दें कि बीते सोमवार को मधुबनी जिले में ऐसी ही घटना सामने आई थी. ख़बरों के अनुसार परिजन गुहार लगाते रहे लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनकी एक न सुनी. आखिर में मृतक के परिजनों को खुद ही रास्ता निकालना पड़ा. इन तस्वीरों ने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है.

दरअसल आईएसओ मान्यता प्राप्त मधुबनी सदर अस्पताल में एम्बुलेंस मुहैया नहीं कराई गई मृतक की बॉडी को ले जाने के लिए. अस्पताल प्रशासन की इस बरहमी के बाद परिजन मृतक के शव को कार की छत पर बांधकर दाह संस्कार के लिए निकल पड़े. करते भी क्या कोई रास्ता नहीं था उनके पास. ऐसी दर्दनाक घटना होती रही और सब देखते रहे.