मांझी और मुकेश सहनी को अपने पक्ष में करने की थी कवायद लालू ने उनको भी फोन करके लुभाया था.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार की राजनीति में लालू का फोन इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. इस पर खूब राजनीति हो रही है. सत्ता पक्ष विपक्ष पर हमलावर है. वहीं एनडीए के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं. लालू प्रसाद ने एनडीए की सरकार गिराने और महागठबंधन के स्पीकर के लिए वोट देने के लिए बीजेपी के साथ-साथ जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी और उनके नेताओं को कॉल किया था. लेकिन दोनों नेताओं से इस बात को छिपाया या नहीं. जब बीजेपी नेता सुशील मोदी ने इसका खुलासा किया तो अब दोनों नेता भी सामने आए और स्वीकार कर रहे हैं कि उनके पास भी लालू प्रसाद का कॉल आया था. लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि पहले जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी ने इसका खुलासा क्यों नहीं किया. आखिर उनके मन में क्या चल रहा था.

जीतन राम मांझी ने इस पूरे मसले पर दावा किया हैं कि लालू प्रसाद ने कई बार हमारे लोगों को कॉल किया था और कहा था कि मांझी से बात करा दीजिए. लेकिन हमने उनसे बात नहीं किया. बिहार की सत्ता में आने के लिए हम उनका साथ नहीं दे रहे. उनकी नियत गलत काम करने रही है. मगर सवाल लाजिमी है कि उनकी इस मामले पर मांझी देर से इस बात का खुलासा क्यों कर रहे हैं.



जीतन राम मांझी के बाद मुकेश सहनी ने भी खुलासा किया है कि उनके पास भी लालू प्रसाद का कॉल आया था. लेकिन दोनों के बीच क्या बात हुई उसके बारे में बताने से सहनी ने इनकार किया. सहनी ने कहा कि समय आएगा तो इसका जवाब दिया जाएगा. फिलहाल मुझ पर नीतीश कुमार ने भरोसा जताते हुए मंत्री बनाया हैं. उस जिम्मेवारी को मैं निभाने में जुटा हूं.

पूरे मामले पर विवाद तब बढ़ा है जब लालू प्रसाद ने बीजेपी विधायक ललन पासवान को सीधे कॉल किया. इस पर विधायक ने प्रणाम किया. उसके बाद लालू प्रसाद बोल रहे हैं कि सुनो हमलोग तुमको आगे बढ़ाएंगे. कल जो स्पीकर का चुनाव है उसमें साथ दो. कल हमलोग इसको गिरा देंगे. इस पर विधायक कहते हैं कि हम तो पार्टी में हैं सर. इस पर लालू प्रसाद कहते हैं कि तुम गैर हाजिर हो जाओ, बोल देना की कोरोना हुआ है. इसके बाद तो स्पीकर हमारा होगा तो हम देख ही लेंगे.